मेलबर्न की कुख्यात पूर्व प्रिंसिपल मल्का लीफ़र पर जेल में यौन शोषण का नया आरोप

मेलबर्न की कुख्यात पूर्व प्रिंसिपल मल्का लीफ़र पर जेल में यौन शोषण का नया आरोप

मेलबर्न, 11 अगस्त — मेलबर्न की अधिकतम सुरक्षा वाली महिला जेल, डेम फ़िलिस फ़्रॉस्ट सेंटर में बंद कुख्यात अपराधी और पूर्व हेडमिस्ट्रेस मल्का लीफ़र पर एक बार फिर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना कथित रूप से जेल के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।

58 वर्षीय लीफ़र, ऑस्ट्रेलिया के एल्स्टर्नविक स्थित अड्डास इस्राइल स्कूल की प्रमुख रह चुकी हैं, जिन्हें अपने ही स्कूल की छात्राओं — निकोल मेयर, एली सैपर और डैसी एर्लिच — के साथ बार-बार यौन शोषण करने के अपराध में 15 साल की सज़ा सुनाई गई थी।
2008 में वह ऑस्ट्रेलिया से भागकर इस्राइल चली गईं और 2021 में प्रत्यर्पण के बाद मेलबर्न में मुक़दमे का सामना किया।

जेल में नई घटना
सूत्रों के अनुसार, जुलाई के अंत में मरे यूनिट (सुरक्षा हेतु अलग रखा गया खंड) में एक युवा कैदी — जो हाल ही में मुख्य बैरक से यहाँ लाई गई थी — के साथ लीफ़र ने अनुचित व्यवहार किया। पीड़िता को “20 वर्षीय युवा कूरी (अस्ट्रेलियाई आदिवासी) महिला” बताया गया है। घटना कथित तौर पर यूनिट के गलियारे में हुई और कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

इस घटना के बाद लीफ़र को एकांत कारावास (“द स्लॉट”) में भेज दिया गया, जहाँ उन्हें 23 घंटे एक छोटे कमरे में रहना होगा और केवल 20 मिनट हवा खाने के लिए बाहर जाने की अनुमति होगी।

पहले भी विवाद
कुछ महीने पहले लीफ़र का नाम एक और विवाद में आया था, जब ख़बर आई थी कि उन्होंने जेल में ठगी के मामलों में चर्चित सामंथा अज़्ज़ोपार्दी को चूमा था। अज़्ज़ोपार्दी कई बार नाबालिग छात्रा का रूप धरकर लोगों से ठगी कर चुकी है।

पीड़िताओं की प्रतिक्रिया
लीफ़र की एक पीड़िता, निकोल मेयर ने कहा — “यह घटनाएँ फिर साबित करती हैं कि वह बदलने वाली नहीं है। हमें उम्मीद है कि अब लोग सच मानेंगे।”
एली सैपर ने कहा — “मुझे कभी-कभी लगता था कि शायद उन्हें अपने अपराध का पछतावा होगा, लेकिन अब साफ़ है कि वे भविष्य में भी युवा और संवेदनशील लड़कियों को निशाना बनाएँगी।”

पुलिस जाँच जारी
विक्टोरिया पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। जेल विभाग ने कहा कि “जेल में हिंसा या यौन शोषण के सभी आरोप पुलिस को सौंपे जाते हैं।”

इस सप्ताह मेलबर्न अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में “सर्वाइविंग मल्का लीफ़र” नामक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित होगी, जिसमें उनके अपराध और पीड़िताओं के संघर्ष को दिखाया गया है।