सिडनी स्थित एक प्रमुख यूनिवर्सिटी कॉलेज से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल यहां हर 12 में से 1 छात्र ने परीक्षाओं में नकल (चीटिंग) की। यह आंकड़ा शिक्षा जगत और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक तरीकों के बजाय अब छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल करके नकल कर रहे हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों में इस प्रवृत्ति का स्तर अलग-अलग देखा गया, लेकिन एक फैकल्टी में सबसे अधिक छात्र पकड़े गए। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या उच्च शिक्षा संस्थान तकनीकी विकास की रफ्तार के साथ सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर पा रहे हैं?
पढ़ाई के साथ-साथ छात्र आर्थिक दबाव का भी सामना कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के आसपास बने स्टूडेंट आवासों (छात्रावास/पेट्रेंट) का किराया कई मामलों में लगभग 1000 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 54,000 रुपये) तक पहुंच गया है। वह भी सिर्फ एक छोटे से स्टूडियो अपार्टमेंट के लिए। ऐसे में छात्रों और उनके परिवारों पर डबल दबाव बन रहा है—एक तरफ पढ़ाई और ईमानदारी की चुनौती, दूसरी तरफ आसमान छूते खर्चे।
इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आवास नीतियों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
👉 कुल मिलाकर, सिडनी के इस विश्वविद्यालय कॉलेज में छात्र न केवल शैक्षणिक ईमानदारी के संकट से जूझ रहे हैं बल्कि महंगे किराए की वजह से मानसिक और आर्थिक दबाव भी झेल रहे हैं।