मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, विपक्षी दलों की बैठक में बनी रणनीति

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, विपक्षी दलों की बैठक में बनी रणनीति

संसद भवन में रविवार को विपक्षी दलों की एक अहम बैठक में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से सांसद शताब्दी रॉय शामिल हुईं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। शताब्दी रॉय ने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए चुन-चुन कर तृणमूल कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।

दरअसल, चुनाव आयोग का पूरा पैनल इन दिनों पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर है। आयोग के इस दौरे और राज्य में चल रही मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है।

तृणमूल कांग्रेस पहले ही देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की इच्छा जता चुकी है। पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान भी इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार कर रही है।

हालांकि उस समय कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया था। उस प्रस्ताव पर अधिकांश विपक्षी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने उस समय हस्ताक्षर नहीं किए थे।

अब बजट सत्र के दूसरे चरण में तृणमूल कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष का समर्थन करेगी और मतदान के दौरान विपक्ष के साथ खड़ी रहेगी।

विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल के समर्थकों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। बैठक में इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।