ऑप्टस पर 100 मिलियन डॉलर का ऐतिहासिक जुर्माना

ऑप्टस पर 100 मिलियन डॉलर का ऐतिहासिक जुर्माना

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ऑप्टस को अदालत से बड़ा झटका लगा है। फेडरल कोर्ट ने बुधवार को कंपनी पर 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 665 करोड़ रुपये) का जुर्माना ठोका। अदालत ने ऑप्टस के व्यवहार को “घृणित”, “शोषणकारी” और “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया।

मामला क्या है?

अदालत के अनुसार 2019 से 2023 के बीच ऑप्टस ने करीब 400 ग्राहकों को ठगा। इन ग्राहकों में ज़्यादातर आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई, ग्रामीण व दूरदराज़ इलाकों के निवासी, मानसिक रूप से बीमार या सीखने में कठिनाई झेलने वाले लोग शामिल थे। कई लोग बेरोज़गार थे या आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर।

कंपनी ने इन्हें ऐसे कॉन्ट्रैक्ट्स में फंसा दिया जो न केवल महंगे थे बल्कि उनके लिए बेकार भी थे।

  • कहीं नेटवर्क कवरेज ही नहीं था, फिर भी इंटरनेट और कॉलिंग सेवाओं के पैकेज बेचे गए।

  • ग्राहकों को कॉन्ट्रैक्ट्स की शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं समझाई गईं।

  • कई ग्राहकों को यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें हर महीने भारी किस्तें चुकानी होंगी।

अदालत ने पाया कि कंपनी के कर्मचारियों ने जानबूझकर इन कमज़ोर लोगों पर दबाव बनाया और “अनचाहे प्रोडक्ट्स थोप दिए”


अदालत की सख़्त टिप्पणी

फेडरल कोर्ट के जज पैट्रिक ओ’सुलिवन ने अपने आदेश में कहा:

  • “ऑप्टस का आचरण पूरी तरह से अपमानजनक था।”

  • “कंपनी ने ग्राहकों की स्थिति को नज़रअंदाज़ कर, जानबूझकर उन्हें कर्ज़ में डुबो दिया।”

  • “यह केवल व्यापारिक भूल नहीं, बल्कि सुनियोजित शोषण था।”

जज ने यह भी बताया कि माउंट आइज़ा (Mt Isa) स्थित एक स्टोर से ही 82 फर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स किए गए। कई मामलों में तो बकाया राशि वसूलने के लिए ग्राहकों को डेब्ट कलेक्शन एजेंसियों और तीसरी कंपनियों को सौंप दिया गया। इससे कई पीड़ितों का क्रेडिट स्कोर तक खराब हो गया।


कंपनी की सफाई और माफ़ी

ऑस्ट्रेलियन कम्पटीशन एंड कंज़्यूमर कमीशन (ACCC) ने जब मामला अदालत में उठाया तो ऑप्टस ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और जुर्माना भरने पर सहमति जताई।

कंपनी के सीईओ स्टीफ़न रू ने सार्वजनिक बयान में कहा:

“हम अपने ग्राहकों से दिल से माफ़ी मांगते हैं। यह व्यवहार न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य था बल्कि हमारी कंपनी की मूल भावना के भी खिलाफ था। हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो।”


बड़ा संदेश

यह जुर्माना ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में किसी टेलीकॉम कंपनी पर लगाए गए सबसे बड़े दंडों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल ऑप्टस बल्कि पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए चेतावनी है।

कमज़ोर और वंचित वर्ग के उपभोक्ताओं का शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।