गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया – जनरेशन Z के बीच बेहद लोकप्रिय फास्ट-फैशन ब्रांड प्रिंसेस पॉली को हाल ही में B Corp सर्टिफिकेशन मिला है, लेकिन इस उपलब्धि ने फैशन इंडस्ट्री और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
B Corp सर्टिफिकेशन, जिसे ग्लोबल नॉन-प्रॉफिट B Lab जारी करता है, उन कंपनियों को दिया जाता है जो पर्यावरणीय, सामाजिक और नैतिक मानकों पर खरा उतरती हैं। लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेज़ी से उत्पादन और ट्रेंड आधारित बिक्री करने वाले ब्रांड को यह सर्टिफिकेशन देना, B Corp की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
RMIT यूनिवर्सिटी के फैशन विशेषज्ञों ने जताई चिंता
ऑस्ट्रेलिया की RMIT यूनिवर्सिटी की फैशन विशेषज्ञ डॉ. हैरिएट रिचर्ड्स ने कहा, “यह निर्णय निराशाजनक है। यह दिखाता है कि 'सस्टेनेबिलिटी' का टैग अब सिर्फ एक मार्केटिंग टूल बन गया है। प्रिंसेस पॉली की पूरी बिजनेस मॉडल ही ओवरप्रोडक्शन और ओवरकंजम्पशन पर आधारित है, जो पर्यावरण के लिए खतरनाक है।”
डॉ. जॉन हेविट, RMIT के ही एक अन्य फैशन लेक्चरर ने कहा, “ट्रेंड-ड्रिवन, हाई वॉल्यूम और लो-कॉस्ट मॉडल उपभोग को बढ़ावा देता है, जो लंबे समय में पर्यावरण और सामाजिक दृष्टिकोण से टिकाऊ नहीं है।”
‘सिर्फ न्यूनतम स्कोर लाकर भी ब्रांड को मिली मान्यता’
प्रिंसेस पॉली को B Corp बनने के लिए 86.8 का स्कोर मिला, जो आवश्यक न्यूनतम 80 अंकों से थोड़ा ही ऊपर था। आलोचकों का कहना है कि इतने कम स्कोर पर भी सर्टिफिकेशन मिलना उन ब्रांड्स के साथ अन्याय है जो सच्चे मायनों में सस्टेनेबिलिटी को अपनाते हैं।
डॉ. हेविट ने कहा, “जब ऐसे ब्रांड्स को भी वही मान्यता मिल जाती है जो गहराई से ESG सिद्धांतों को अपनाते हैं, तो उपभोक्ताओं के लिए भ्रम की स्थिति बन जाती है। यह ग्रीनवॉशिंग को बढ़ावा देता है।”
प्रिंसेस पॉली का बचाव और दावा
इस विवाद के बीच प्रिंसेस पॉली ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने अपनी उत्पादन प्रक्रिया और सामग्रियों में सस्टेनेबिलिटी लाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। एक प्रवक्ता ने बताया, “हमने अपने कई उत्पादों को लो-इम्पैक्ट मटेरियल्स से बनाना शुरू किया है। 2025 में 37% कलेक्शन ऐसी सामग्रियों से बना था जो पर्यावरण पर कम असर डालती हैं।”
ब्रांड ने यह भी कहा कि उसने कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए Science Based Targets initiative के तहत लक्ष्य बनाए हैं और Carbon Disclosure Project से B ग्रेड हासिल किया है।
क्या आने वाले सालों में बदलेगा नियम?
B Lab ने अप्रैल 2025 में सर्टिफिकेशन के लिए नए और अधिक सख्त मानदंड लागू किए हैं, जो 2028 की पुन: समीक्षा में लागू होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रिंसेस पॉली को यह सर्टिफिकेशन पुराने मानकों पर मिला है, और संभव है कि वे अगले राउंड में यह मान्यता बनाए न रख सकें।