बॉन्डी आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों का अपमान: विपक्ष का प्रधानमंत्री पर आरोप

बॉन्डी आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों का अपमान: विपक्ष का प्रधानमंत्री पर आरोप

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी नेता Sussan Ley ने प्रधानमंत्री Anthony Albanese पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बॉन्डी बीच आतंकी हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों की मांगों को ठुकराकर उन्होंने उनका “अपमान” किया है।

श्रीमती ले ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस भीषण हमले की जांच के लिए कॉमनवेल्थ स्तर पर शाही आयोग (रॉयल कमीशन) गठित करने से इनकार करना पीड़ित परिवारों की भावनाओं की अनदेखी है। उल्लेखनीय है कि इस आतंकी हमले में यहूदी समुदाय के हनुक्का उत्सव को निशाना बनाया गया था, जिसमें 15 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने शाही आयोग के बजाय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की विभागीय समीक्षा कराने की घोषणा की है, जबकि न्यू साउथ वेल्स सरकार राज्य स्तर पर रॉयल कमीशन चला रही है।

संसद भवन में मीडिया से बातचीत में विपक्षी नेता ने कहा,
“पीड़ित परिवार, यहूदी समुदाय और बड़ी संख्या में आम ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एक स्वतंत्र कॉमनवेल्थ रॉयल कमीशन चाहते हैं। पूर्व गवर्नर-जनरल, न्यायाधीश, पूर्व एएफपी आयुक्त, वरिष्ठ वकील और सुरक्षा विशेषज्ञ—सभी इसकी मांग कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री “प्रक्रिया की आड़” ले रहे हैं और संभवतः इस बात से चिंतित हैं कि एक शाही आयोग में क्या-क्या सामने आ सकता है।

श्रीमती ले ने कहा कि हमले से पहले यहूदी विरोधी गतिविधियों को लेकर कई चेतावनियाँ दी गई थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया।
“पीड़ित परिवारों को लगता है कि यह हमला टाला जा सकता था, लेकिन आज वे खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।

इस बीच, वरिष्ठ विपक्षी सीनेटर जेम्स पैटरसन ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लेबर सरकार को डर है कि शाही आयोग से उसकी नाकामियाँ उजागर हो जाएँगी।

उधर, न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर Chris Minns ने हाल ही में स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे भय के आगे न झुकें और सामान्य जीवन की ओर लौटें।

यह मुद्दा अब ऑस्ट्रेलियाई राजनीति और समाज में गहरी बहस का विषय बन गया है, जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार अपनी जांच प्रक्रिया को पर्याप्त बता रही है।