प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्पेन और फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कर भारत-यूरोप संबंधों को नई दिशा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India–EU FTA) दोनों क्षेत्रों के बीच “स्वर्ण युग” की शुरुआत साबित होगा।
नई दिल्ली में आयोजित बैठकों के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पेन के राष्ट्रपति Pedro Sánchez और फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo से अलग-अलग मुलाकात की। वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के साथ रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीकों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने स्टार्टअप, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में संयुक्त पहल को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन से निपटने, 5G/6G तकनीक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में स्वाभाविक साझेदार हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा। इससे बाजार पहुंच आसान होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने इसे “भारत–यूरोप संबंधों में सुनहरे युग की शुरुआत” बताया।
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वर्ष 2026 को भारत–स्पेन वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय और स्पेनिश विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल एक-दूसरे के देशों का दौरा करेंगे, जिससे लोगों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
सरकार का मानना है कि इन उच्चस्तरीय बैठकों से भारत और यूरोपीय देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।