नई दिल्ली/माले: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान भारत ने एक बार फिर से अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूत रिश्तों की मिसाल पेश की है। पीएम मोदी की इस यात्रा में भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये (600 मिलियन डॉलर) की बड़ी वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही, द्वीपीय देश को 72 उन्नत सैन्य वाहन भी सौंपे गए हैं।
यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा है और मालदीव को पहले गंतव्य के रूप में चुनना भारत की "पड़ोसी पहले" नीति का प्रमाण है। पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुईज़्ज़ू के बीच हुई वार्ता में समुद्री सुरक्षा, विकास परियोजनाओं और सांस्कृतिक साझेदारी पर गहराई से चर्चा हुई।
🇮🇳 4,850 करोड़ रुपये का लोन: यह लोन भारत-मालदीव आर्थिक सहयोग के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दिया गया है, जिसमें सड़कों, बंदरगाहों और आवास योजनाएं शामिल हैं।
🚛 72 सैन्य वाहन: भारत ने मालदीव के रक्षा बल को 72 सैन्य वाहन प्रदान किए हैं, जो द्वीपों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को बेहतर बनाएंगे।
🛥️ नौसेना सहयोग: भारत ने मालदीव की समुद्री सीमा की निगरानी के लिए आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण सहयोग की भी पेशकश की है।
पीएम मोदी ने कहा, "भारत और मालदीव के रिश्ते केवल भूगोल से नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और भरोसे से बंधे हैं। हम एक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित मालदीव के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
वहीं, राष्ट्रपति मुईज़्ज़ू ने भी इस सहायता के लिए भारत का आभार जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में नया विश्वास पैदा हुआ है।