ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के प्रभाव को लेकर देश के भीतर बढ़ती सामाजिक विभाजन की आशंकाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय तनाव को घरेलू स्तर पर फैलने देना “समाज को पीछे ले जाने” जैसा होगा।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से सतर्क रहने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की ताकत उसकी बहुसांस्कृतिक पहचान में निहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों में हो रहे संघर्षों का असर देश के भीतर सामाजिक संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए।
अल्बनीज़ ने प्रवासी समुदायों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न संस्कृतियों और पृष्ठभूमियों से आए लोगों ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत और समृद्ध बनाया है। उन्होंने कहा, “हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, और हमें इसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की नफरत, हिंसा या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने समुदायों से शांति, सम्मान और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संघर्षों के दौरान स्थानीय स्तर पर सामाजिक तनाव बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि आपसी विश्वास और एकता को बनाए रखा जाए।
सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखने की बात कही है, ताकि किसी भी प्रकार के तनाव को समय रहते रोका जा सके।