नई दिल्ली/इस्लामाबाद: अमेरिका द्वारा "द रेजिस्टेंस फ्रंट" (TRF) को आधिकारिक रूप से वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के फैसले से पाकिस्तान तिलमिला उठा है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारत पर अमेरिका को "भड़काने" का आरोप लगाया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में घोषणा की कि TRF, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ आतंकी समूह है, को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल किया गया है। इस कदम का उद्देश्य भारत और दक्षिण एशिया में हो रही आतंकवादी गतिविधियों को रोकना और संबंधित संगठनों की फंडिंग पर रोक लगाना है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस निर्णय को "राजनीतिक प्रेरित" बताया और कहा कि भारत ने अमेरिका को गुमराह कर यह फैसला करवाया है। पाकिस्तान ने दावा किया कि यह भारत की एक रणनीति है जिससे वह कश्मीर में अपने कथित अत्याचारों से ध्यान भटका सके।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने TRF को पहले ही एक "आतंकी मोहरा" बताते हुए कहा है कि यह संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा की नई शक्ल है। भारत सरकार ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है और इसे आतंक के खिलाफ वैश्विक सहयोग की दिशा में एक अहम पहल करार दिया है।
क्या है TRF?
TRF की स्थापना 2019 में हुई थी और यह खुद को कश्मीर की "स्वतंत्रता" के लिए लड़ने वाला संगठन बताता है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह सीधे-सीधे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों का हिस्सा है। TRF ने पिछले कुछ वर्षों में घाटी में कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें
अमेरिका का यह निर्णय भारत और अमेरिका के बढ़ते रणनीतिक संबंधों की ओर भी संकेत करता है, जहां दोनों देश आतंकवाद के विरुद्ध साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान की बौखलाहट यह दर्शाती है कि उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।