क्लाइव पाल्मर ने बैनन मामले में बदला रुख, 80 मिलियन डॉलर के विज्ञापन अभियान पर लिबरल वित्त मंत्री से सलाह की पुष्टि

क्लाइव पाल्मर ने बैनन मामले में बदला रुख, 80 मिलियन डॉलर के विज्ञापन अभियान पर लिबरल वित्त मंत्री से सलाह की पुष्टि

कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल उस समय और गर्मा गया, जब यूनाइटेड ऑस्ट्रेलिया पार्टी (यूएपी) के प्रमुख और उद्योगपति क्लाइव पाल्मर ने अमेरिका के पूर्व व्हाइट हाउस रणनीतिकार स्टीव बैनन को लेकर अपने पहले दिए गए बयान से पलटते हुए नया खुलासा किया। पाल्मर ने स्वीकार किया कि उन्हें बैनन की ओर से एक संक्षिप्त फोन कॉल प्राप्त हुआ था।

इससे पहले इसी सप्ताह पाल्मर ने ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) को दिए गए साक्षात्कार में स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी बैनन से “कभी कोई बातचीत नहीं हुई।” हालांकि बुधवार को उन्होंने अपने बयान में आंशिक बदलाव करते हुए माना कि बैनन का एक छोटा फोन कॉल आया था, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी प्रकार की राजनीतिक रणनीति, चुनावी योजना या सलाह पर कोई चर्चा नहीं हुई।

इस बीच, पाल्मर ने यह भी खुलासा किया कि उनकी पार्टी द्वारा चलाए गए लगभग 80 मिलियन डॉलर के बड़े चुनावी विज्ञापन अभियान को लेकर लिबरल पार्टी के एक वित्त मंत्री से पहले ही परामर्श किया गया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस महंगे प्रचार अभियान के पीछे किसी प्रकार का राजनीतिक समन्वय या परोक्ष समर्थन मौजूद था।

बुधवार को संसद भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाल्मर ने कहा कि यह विज्ञापन अभियान पूरी तरह से ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से जुड़े मुद्दों—जैसे अर्थव्यवस्था, रोजगार और राष्ट्रीय संप्रभुता—पर केंद्रित था। उन्होंने विदेशी राजनीतिक प्रभाव या हस्तक्षेप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यूनाइटेड ऑस्ट्रेलिया पार्टी की नीतियां और प्रचार पूरी तरह देशहित में हैं।

विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई है और मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव के दौरान विदेशी राजनीतिक हस्तियों से किसी भी प्रकार का संपर्क लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनाव में एक अहम मुद्दा बन सकता है और मतदाताओं के बीच पारदर्शिता तथा विदेशी प्रभाव को लेकर बहस को और तेज कर सकता है।