सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई फैशन उद्योग, जिसने पिछले कुछ वर्षों में कठिन दौर देखा है—अमेरिकी शुल्कों (टैरिफ) और कई घरेलू ब्रांडों के बंद होने की वजह से—अब एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है। न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार ने फैशन सेक्टर को पुनर्जीवित करने के लिए एक विशेष रणनीति की घोषणा की है।
पेरिस और न्यूयॉर्क जैसे फैशन हब लंबे समय से वैश्विक मंच पर छाए हुए हैं। अब सरकार चाहती है कि सिडनी और खासकर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी (UTS) जैसे संस्थान, नवाचार और डिज़ाइन के नए केंद्र बनकर उभरें।
नए फैशन सेक्टर स्ट्रैटेजी के तहत स्थानीय डिज़ाइनरों, छोटे लेबल्स और उभरते टैलेंट को आर्थिक और शैक्षणिक सहायता देने की योजना बनाई गई है। इसमें शामिल हैं:
ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स
अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच बढ़ाने के लिए व्यापारिक समझौते
स्थायी (सस्टेनेबल) फैशन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम ऑस्ट्रेलियाई फैशन उद्योग को एक बार फिर वैश्विक मानचित्र पर ला सकता है। UTS जैसी यूनिवर्सिटियाँ पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले डिज़ाइनर तैयार कर चुकी हैं। सरकार की मदद से, यह संभावना है कि सिडनी जल्द ही पेरिस और न्यूयॉर्क जैसे फैशन केंद्रों की कतार में शामिल हो सकेगा।