सिडनी, 17 अगस्त 2025
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान और यूनिसेफ़ ऑस्ट्रेलिया के एम्बेसडर पैट कमिंस ने बच्चों की शिक्षा और साक्षरता को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। प्रधानमंत्री की वर्तनी प्रतियोगिता (Prime Minister’s Spelling Bee) के पाँचवें संस्करण ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी दर्ज की है। अब तक 1,400 से अधिक स्कूलों के लगभग 73,500 छात्र-छात्राओं ने इसमें पंजीकरण कराया है।
कमिंस ने इस अवसर पर बताया कि उनकी मां एक शिक्षिका रही हैं और बचपन से ही उन्होंने शिक्षा की ताकत को करीब से महसूस किया। पिता बनने के बाद उनकी सोच और ज़िम्मेदारी और भी बढ़ गई। उन्होंने कहा,
“अब जब मेरा परिवार बढ़ा है, मुझे लगता है कि अपने बच्चों और देश के सभी बच्चों के लिए सही नींव तैयार करना बेहद ज़रूरी है।”
तेज़ गेंदबाज़ कमिंस का मानना है कि स्पेलिंग बी जैसी प्रतियोगिताएँ पढ़ाई को खेल में बदल देती हैं।
“बच्चों को यह एहसास ही नहीं होता कि वे कितना सीख रहे हैं। वे खेल-खेल में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और उपलब्धि की भावना हासिल करते हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने अपनी नई बच्चों की किताबों की श्रृंखला ‘हाउज़ैट पैट’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी कोशिश बच्चों को खेल और पढ़ाई दोनों से जोड़ने की है।
कमिंस ने भारत के लखनऊ और हैदराबाद में यूनिसेफ़ परियोजनाओं का दौरा किया। उन्होंने देखा कि किस तरह गरीबी और लैंगिक असमानता बच्चों, ख़ासकर लड़कियों, की शिक्षा में बाधा बनती है।
“मैंने वहां लड़कियों को STEM और 3D प्रिंटिंग जैसे विषयों में डूबे देखा। उनका उत्साह संक्रामक था,” उन्होंने कहा।
कमिंस का मानना है कि पढ़ना-लिखना हर शिक्षा की पहली सीढ़ी है।
“साक्षरता से ही बच्चों को ज्ञान के नए दरवाज़े खुलते हैं। इसके बिना वे अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुँच पाते,” उन्होंने कहा।
यूनिसेफ़ ऑस्ट्रेलिया की नीति और एडवोकेसी प्रमुख केटी मास्किएल ने कहा,
“पढ़ना और लिखना हर बच्चे का अधिकार है। शिक्षा से बच्चों को आत्मविश्वास और अपनी आवाज़ मिलती है। हर मिनट की पढ़ाई उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाती है।”