अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराने वाले शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मान

अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराने वाले शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मान

नई दिल्ली।
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदान किया गया।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन करते हुए इतिहास रचा। जून 2025 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी द्वारा संचालित एक्सिओम मिशन-4 के तहत 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों का नेतृत्व किया।

अंतरिक्ष में किए सात अहम वैज्ञानिक प्रयोग

अपने मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए सात महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग सफलतापूर्वक संपन्न किए। इनमें स्पेस एनीमिया, अंतरिक्ष में हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव, माइक्रोग्रैविटी में धातु मिश्रधातुओं का ठोसकरण तथा जैविक अनुसंधान शामिल रहे। इन अध्ययनों से गगनयान जैसे भविष्य के मानव अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा और तकनीकी तैयारियों को महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

अनुभवी फाइटर पायलट से अंतरिक्ष नायक तक

लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। एक अनुभवी लड़ाकू पायलट के रूप में उनके पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे विमानों का संचालन किया है।

एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मिशन नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के सहयोग से संचालित किया गया था।

देश के लिए गर्व का क्षण

शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं को नई ऊँचाई देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान में देश की बढ़ती भूमिका का सशक्त प्रमाण है। अशोक चक्र से सम्मानित होकर उन्होंने न केवल भारतीय वायुसेना, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।