सिडनी में प्रोपलैस्टाइन प्रदर्शनकारियों ने इतिहास रचने की तैयारी कर ली है। ‘पैलेस्टाइन एक्शन ग्रुप’ ने 3 अगस्त को दोपहर 1 बजे "मानवता के लिए मार्च" (March for Humanity) के तहत सिडनी हार्बर ब्रिज पर रैली निकालने की घोषणा की है। यह पहली बार होगा जब यह प्रतिष्ठित पुल बड़े पैमाने पर प्रोपलैस्टाइन मार्च का गवाह बनेगा।
'दुनिया को देना है एक शक्तिशाली संदेश'
आयोजकों का कहना है कि यह मार्च गाजा में मानवीय संकट, खासकर आम नागरिकों के बीच भूख और पीड़ा को उजागर करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। बयान में कहा गया है, "ऑस्ट्रेलिया का सबसे प्रतिष्ठित प्रतीक – हार्बर ब्रिज – से किया गया यह मार्च पूरी दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश देगा कि हम मानवता के साथ खड़े हैं।"
पुलिस और प्रशासन से टकराव की संभावना
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कानून के तहत जरूरी ‘फॉर्म 1’ भरकर न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस को सूचित कर दिया है, फिर भी पुलिस कानूनी आपत्ति उठाकर इसे कोर्ट में चुनौती दे सकती है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी एक प्रोपलैस्टाइन कार्यक्रम को पुलिस ने रोकने की कोशिश की थी, लेकिन अंतिम समय में कोर्ट से मंजूरी मिल गई थी।
मार्च की रूपरेखा
प्रदर्शनकारी 3 अगस्त को दोपहर 1 बजे विंयार्ड स्टेशन के पास स्थित लैंग पार्क में इकट्ठा होंगे, और वहां से हार्बर ब्रिज की ओर मार्च करेंगे।
इतिहास में पहले भी हो चुके हैं ब्रिज बंद
हार्बर ब्रिज, जो कि सिडनी का प्रमुख यातायात मार्ग है, पहले भी कई बार विशेष आयोजनों के लिए बंद किया जा चुका है – चाहे वो World Pride Month का आयोजन हो या 2000 में Walk for Reconciliation, जिसमें करीब 2.5 लाख लोग शामिल हुए थे।
इस बार आयोजकों का कहना है, "जब पुल विश्व गौरव और फिल्मों के लिए बंद हो सकता है, तो गाजा में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए क्यों नहीं?"
लगभग दो वर्षों से जारी है आंदोलन
हामा द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर किए गए हमले और उसके बाद गाजा में शुरू हुए संघर्ष के खिलाफ यह रैलियां लगभग हर सप्ताह आयोजित होती रही हैं। अब यह आंदोलन एक नई ऊंचाई पर पहुंचता दिख रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
हाल ही में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया था, लेकिन फ्रांस की तरह फिलिस्तीन को मान्यता देने से इनकार कर दिया।
NSW पुलिस से प्रतिक्रिया का इंतजार
अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और संभावित कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं। अगर पुलिस विरोध करती है, तो यह मामला एक बार फिर अदालत में जा सकता है।