प्रेग्नेंसी में भी काम के लिए मजबूर, डॉक्टर से मिलने नहीं दी इजाजत: राधिका आप्टे का दर्द

प्रेग्नेंसी में भी काम के लिए मजबूर, डॉक्टर से मिलने नहीं दी इजाजत: राधिका आप्टे का दर्द

नई दिल्ली, 8 अगस्त – बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्री राधिका आप्टे ने हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में काम के दौरान झेली मुश्किलों और भेदभाव पर खुलकर बात की। नेहा धूपिया के लाइव सेशन ‘फ्रीडम टू फीड’ में राधिका ने बताया कि कैसे फिल्म इंडस्ट्री में आज भी मातृत्व को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है।

राधिका ने खुलासा किया कि भारत में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान, जब उन्होंने प्रेग्नेंसी की जानकारी दी, तो वहां मौजूद प्रोड्यूसर का व्यवहार बेहद असंवेदनशील था। “पहले ट्राइमेस्टर में थी, लगातार थकान और दर्द हो रहा था, खाने की क्रेविंग भी ज्यादा थी। शरीर में बदलाव आ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद मुझसे टाइट कपड़े पहनने को कहा गया। दर्द के बावजूद डॉक्टर से मिलने की अनुमति तक नहीं दी गई। यह अनुभव मेरे लिए बेहद निराशाजनक था,” उन्होंने कहा।

इसके उलट, राधिका का एक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट का अनुभव पूरी तरह सकारात्मक रहा। उन्होंने बताया, “जब मैंने हॉलीवुड डायरेक्टर को कहा कि शूट के आखिर तक मेरा लुक बदल सकता है, तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा – ‘कोई बात नहीं, तुम प्रेग्नेंट हो और यह बिल्कुल ठीक है।’ यह सुनकर बहुत सुकून मिला।”

राधिका ने कहा कि वह हमेशा अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट का सम्मान करती हैं, लेकिन काम के साथ थोड़ी इंसानियत और सहानुभूति बेहद जरूरी है। “मुझे किसी खास ट्रीटमेंट की उम्मीद नहीं थी, बस थोड़ी समझदारी और सम्मान चाहिए था,” उन्होंने जोड़ा।

राधिका आप्टे की यह बात न केवल गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि इंडस्ट्री में सुरक्षित, संवेदनशील और महिला-हितैषी माहौल की जरूरत को भी रेखांकित करती है। ‘फ्रीडम टू फीड’ जैसे मंच इस विषय पर खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे मातृत्व को बोझ नहीं, बल्कि जीवन के सम्माननीय चरण के रूप में देखा जा सके।