सिडनी/पर्थ:
ऑस्ट्रेलिया में अमीरी का मतलब अब केवल समुद्र किनारे बसे महंगे उपनगर या महानगरों की चमक-दमक नहीं रह गया है। ताज़ा सरकारी आंकड़ों से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिलबारा क्षेत्र में स्थित एक दूरस्थ और कम आबादी वाला इलाका देश का सबसे अधिक आय वाला क्षेत्र बन गया है।
Australian Bureau of Statistics (ABS) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया का ऐशबर्टन (Ashburton) क्षेत्र ऑस्ट्रेलिया में सबसे अधिक माध्य (मीडियन) व्यक्तिगत आय वाला इलाका है। यहां रहने वाले लोगों की औसत व्यक्तिगत आय 1,12,881 ऑस्ट्रेलियन डॉलर दर्ज की गई है, जो सिडनी के ईस्टर्न सबर्ब्स, नॉर्थ शोर और पर्थ के कई प्रतिष्ठित तटीय इलाकों से भी अधिक है।
करीब 13,000 की आबादी वाला ऐशबर्टन क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद दूरस्थ है, लेकिन आर्थिक रूप से अत्यंत समृद्ध माना जा रहा है। इस क्षेत्र में टॉम प्राइस, ऑनस्लो, पैनावोनिका और पैराबरडू जैसे छोटे कस्बे शामिल हैं।
यह इलाका मुख्य रूप से खनन उद्योग (माइनिंग सेक्टर) पर निर्भर है, जहां स्थानीय रोजगार का लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खनन क्षेत्र में उच्च वेतन, शिफ्ट-आधारित कार्य प्रणाली और कुशल श्रमिकों की भारी मांग के कारण यहां आय का स्तर काफी ऊंचा है।
ABS के आंकड़े यह भी बताते हैं कि ऐशबर्टन पिछले एक दशक से देश के उन इलाकों में शामिल है जहां बेरोज़गारी दर सबसे कम रही है।
यहां बेरोज़गारी दर औसतन 1 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इसका एक बड़ा कारण यहां बड़ी संख्या में अस्थायी और फ्लाई-इन फ्लाई-आउट (FIFO) कामगारों की मौजूदगी है, जो खनन परियोजनाओं में काम करते हैं।
सबसे अधिक आय वाले क्षेत्रों की सूची में माइनिंग टाउनों का दबदबा साफ तौर पर दिखाई देता है।
दूसरे स्थान पर दक्षिण ऑस्ट्रेलिया का रॉक्सबी डाउन्स रहा, जहां माध्य व्यक्तिगत आय 1,06,845 डॉलर दर्ज की गई। यह कस्बा ओलंपिक डैम माइन के लिए विकसित किया गया था, जिसका संचालन खनन दिग्गज BHP करता है।
तीसरे स्थान पर क्वींसलैंड का वीपा (Weipa) रहा, जहां औसत आय 96,818 डॉलर रही।
इसके बाद पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ही पोर्ट हेडलैंड (92,947 डॉलर) और काराथा (92,657 डॉलर) चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
इन माइनिंग क्षेत्रों के बाद ही बड़े शहरों के संपन्न उपनगर सूची में आते हैं। पर्थ के पेपरमिंट ग्रोव और कॉटेस्लो, तथा सिडनी के नॉर्थ सिडनी, वूल्लाहरा और लेन कोव जैसे इलाके शीर्ष दस में शामिल तो हैं, लेकिन वे माइनिंग टाउनों से पीछे रह गए।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर क्षेत्रों में सीमित आबादी, लेकिन अत्यधिक वेतन वाली नौकरियों के कारण प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक हो जाती है। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि इन इलाकों में जीवन कठिन, महंगा और अस्थायी हो सकता है।
निष्कर्षतः, यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में अमीरी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूर-दराज़ और संसाधन-समृद्ध इलाकों में भी आर्थिक समृद्धि नए रिकॉर्ड बना रही है।