फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर बढ़ा विवाद, आईटी समिति अध्यक्ष निशिकांत दुबे बोले— विचार-विमर्श के बाद देंगे प्रतिक्रिया

फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर बढ़ा विवाद, आईटी समिति अध्यक्ष निशिकांत दुबे बोले— विचार-विमर्श के बाद देंगे प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडित के शीर्षक को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध तेज़ हो गया है। भोपाल और लखनऊ सहित विभिन्न शहरों में फिल्म के नाम को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। विरोध करने वालों का आरोप है कि फिल्म का टाइटल एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करता है।

इस पूरे मामले पर अब भारतीय जनता पार्टी के सांसद और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी की स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया सामने आई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
“मैं आईटी कमेटी का चेयरमैन हूं। इस विषय पर समिति में चर्चा के बाद ही कोई टिप्पणी कर पाऊंगा।”

निशिकांत दुबे झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में संसद की महत्वपूर्ण आईटी समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसे में उनकी प्रतिक्रिया को इस विवाद के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

लखनऊ में दर्ज हुआ मामला, एफएमसी ने भेजा नोटिस

फिल्म को लेकर कानूनी पेंच भी बढ़ते नज़र आ रहे हैं। लखनऊ में फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें जातिगत भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है। वहीं फिल्म निर्माता संघ एफएमसी ने भी निर्माताओं को नोटिस जारी कर शीर्षक से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर जवाब मांगा है।

मेकर्स की सफाई

विवाद के बीच फिल्म के निर्माताओं और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने सफाई देते हुए कहा है कि फिल्म पूरी तरह काल्पनिक कहानी पर आधारित है और किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं है। मेकर्स ने यह भी संकेत दिया है कि वे सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और संवाद के लिए तैयार हैं।

फिलहाल, फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं और अब सभी की निगाहें आईटी समिति की संभावित चर्चा और आगे आने वाले आधिकारिक रुख पर टिकी हैं।