कर्नाटक की 108 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित विरासत मैसूर चंदन साबुन के दोबारा लॉन्च के साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मशहूर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को इस ब्रांड का एंबेसडर बनाए जाने पर कुछ राजनीतिक नेताओं ने आपत्ति जताई है।
राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा साबुन को नए लुक और पैकेजिंग के साथ फरवरी 2026 में बाजार में दोबारा उतारा गया। इसके प्रचार पोस्टर में तमन्ना भाटिया की तस्वीर सामने आते ही यह मुद्दा राजनीतिक बहस का रूप लेने लगा।
भाजपा के एक सांसद ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैसूर चंदन साबुन कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा ब्रांड है, ऐसे में इसके प्रचार के लिए किसी कन्नड़ अभिनेत्री को चुना जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी कलाकार को ब्रांड एंबेसडर बनाना राज्य की अस्मिता के साथ समझौता है।
वहीं कंपनी सूत्रों का कहना है कि तमन्ना भाटिया को उनकी देशभर में लोकप्रियता और पैन-इंडिया अपील को देखते हुए चुना गया है। अभिनेत्री के साथ यह करार मई 2025 में दो वर्षों के लिए लगभग 6.2 करोड़ रुपये में किया गया था।
अब तक इस पूरे विवाद पर तमन्ना भाटिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं—कुछ लोग इसे मार्केटिंग रणनीति बता रहे हैं, तो कुछ इसे स्थानीय प्रतिभाओं की अनदेखी करार दे रहे हैं।
मैसूर चंदन साबुन का यह नया संस्करण जहां बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं ब्रांड एंबेसडर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।