कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती: शी-बॉक्स पोर्टल बना प्रभावी मंच

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती: शी-बॉक्स पोर्टल बना प्रभावी मंच

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा (शी-बॉक्स)’ विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सुरक्षित और समान अवसरों वाला कार्यस्थल विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की सक्रिय सहभागिता और नेतृत्व आवश्यक है। “महिलाओं का सम्मान और उनकी गरिमा की रक्षा समाज और राष्ट्र की प्रगति की पहली शर्त है,” उन्होंने कहा।


क्या है शी-बॉक्स पोर्टल?

 
 

‘शी-बॉक्स’ (Sexual Harassment electronic-Box) एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निवारण की सुविधा उपलब्ध कराना है।

यह पोर्टल 29 अगस्त 2024 को शुरू किया गया था और यह सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों की महिला कर्मचारियों के लिए समान रूप से सुलभ है।


कानूनी आधार और मंत्रालय की भूमिका

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013—जिसे आमतौर पर POSH अधिनियम कहा जाता है—के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य कर रहा है।

शी-बॉक्स पोर्टल इस अधिनियम के प्रावधानों को मजबूत करने का डिजिटल माध्यम है। यह सुनिश्चित करता है कि संस्थान आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करें और कानून के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई करें।


कैसे करता है महिलाओं को सुरक्षा प्रदान?

1. ऑनलाइन शिकायत की सुविधा

महिलाएं कहीं से भी, किसी भी समय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकती हैं। इससे शिकायत दर्ज कराने में आने वाली झिझक और प्रक्रियात्मक जटिलताएं कम होती हैं।

2. पारदर्शी और समयबद्ध निवारण

शिकायत संबंधित संगठन की आंतरिक समिति तक स्वतः प्रेषित होती है, जिससे प्रक्रिया तेज और जवाबदेह बनती है।

3. शिकायत की ट्रैकिंग

शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

4. संस्थागत जवाबदेही

लगभग 1.5 लाख सरकारी और निजी संगठनों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। यह संख्या कार्यस्थलों में बढ़ती जागरूकता और संवेदनशीलता को दर्शाती है।

5. सुरक्षित वातावरण का निर्माण

यह पोर्टल केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों को लैंगिक रूप से संवेदनशील और सुरक्षित बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा

सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के दृष्टिकोण ने देश में नीति निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम दिया है। सरकार महिला सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए समग्र दृष्टिकोण अपना रही है।

राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी कहा कि किसी भी देश की प्रगति तब तक अधूरी है, जब तक महिलाएं सुरक्षित और गरिमामय वातावरण में कार्य न कर सकें।


लैंगिक समानता की ओर बढ़ता कदम

सरकार ने हाल के वर्षों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की है। विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

शी-बॉक्स पोर्टल इसी व्यापक प्रयास का एक अहम हिस्सा है। यह न केवल महिलाओं को शिकायत दर्ज करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है, बल्कि कार्यस्थलों में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखना अनिवार्य है, और शी-बॉक्स पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।