कौशांबी ज़िले की चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसका कारण हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर की गई उनकी प्रशंसा मानी जा रही है।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान "विजन-2047" पर 24 घंटे की विशेष चर्चा में भाग लेते हुए पूजा पाल ने कहा कि उनके पति के हत्यारे, पूर्व सांसद अतीक अहमद को "मिट्टी में मिलाने का काम" मुख्यमंत्री ने किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वर्षों से उनके दिल में छिपे आंसू योगी ने देखे, जिन्हें अब तक किसी ने नहीं देखा था।
2005 में प्रयागराज पश्चिम सीट से बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगा। 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में न्यायिक हिरासत के दौरान दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पूजा पाल के मुताबिक, मौजूदा सरकार की सख्त अपराध विरोधी नीति ने ही यह संभव किया।
पूजा पाल का भारतीय जनता पार्टी से जुड़ाव पहले भी चर्चा में रहा है। 2023 में अतीक-अशरफ की हत्या के बाद उन्होंने राज्यसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव में भाजपा का समर्थन किया था, यहां तक कि योगी आदित्यनाथ को अपना "भाई" भी कहा था।
इन बयानों और राजनीतिक रुझानों को देखते हुए सपा नेतृत्व ने आज उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। माना जा रहा है कि CM योगी की बार-बार सार्वजनिक तारीफ और भाजपा के साथ बढ़ते समीकरण ने सपा को यह सख्त फैसला लेने पर मजबूर किया।