कैनबरा/मेलबर्न, 30 अगस्त 2025
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े सुपरमार्केट चेन Woolworths ने अपने कर्मचारियों पर हो रहे हमलों का एक भयावह वीडियो सार्वजनिक किया है। इसमें दिखाया गया है कि रोज़ाना दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी किस तरह हिंसा, धमकी और दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद खुदरा उद्योग में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है और नए कड़े कानून की मांग तेज हो गई है।
जारी किए गए संकलित फुटेज में कई चौंकाने वाले दृश्य सामने आए हैं।
एक क्लिप में एक ग्राहक हाथ में चाकू लहराता हुआ ट्रॉली भर सामान लेकर निकल जाता है।
दूसरी झलक में एक महिला कर्मचारी को जोरदार मुक्का मारा जाता है।
कई अन्य वीडियो में कर्मचारी सिर्फ खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, जवाबी कार्रवाई नहीं करते।
इन दृश्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारी किस खतरे के बीच अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
कंपनी के आँकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024 में 6000 से अधिक हिंसक घटनाएँ दर्ज की गईं। यह 2023 की तुलना में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
इनमें से सबसे अधिक मामले विक्टोरिया राज्य में सामने आए।
न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
इसी बीच Australian Retailers Association द्वारा जारी रिपोर्ट ने स्थिति को और गंभीर बताया।
2024 में हिंसक या गंभीर घटनाओं में 30% इज़ाफा हुआ।
धमकी भरे मामलों में 39% वृद्धि दर्ज की गई।
कुल 8 लाख खुदरा अपराधों में से करीब 10 प्रतिशत घटनाएँ हिंसक थीं, जिनमें चाकू और धारदार हथियार सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुए।
Woolworths की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमांडा बार्डवेल ने कहा:
“हमारे कर्मचारियों पर इस तरह का आक्रामक और हिंसक व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। हर दिन मुझे जो रिपोर्ट और वीडियो देखने को मिलते हैं, वे बेहद चौंकाने वाले होते हैं। यह चुनौती हम अकेले हल नहीं कर सकते। पुलिस और राज्य सरकारों की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।”
उन्होंने बताया कि कंपनी लगातार राज्य सरकारों और पुलिस प्रशासन से संपर्क में है और सख्त कानून बनाने की मांग कर रही है।
बार्डवेल ने Australian Capital Territory (ACT) में लागू Workplace Protection Order (WPO) कानून का हवाला दिया।
इस कानून के तहत नियोक्ता अदालत से खतरनाक और हिंसक ग्राहकों के खिलाफ सुरक्षा आदेश (Protection Orders) ले सकते हैं।
ACT में अब तक 13 “उच्च जोखिम” वाले अपराधियों के खिलाफ ऐसे आदेश जारी किए जा चुके हैं।
कंपनी का दावा है कि इन आदेशों से आगे की घटनाओं में 99 प्रतिशत तक कमी आई है।
Woolworths चाहती है कि इसी तरह के कानून बाकी राज्यों में भी लागू किए जाएँ ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
Australian Retailers Association ने भी चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल देना न केवल नैतिक जिम्मेदारी है, बल्कि खुदरा व्यापार के सुचारू संचालन के लिए भी जरूरी है।
सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों पर बढ़ती हिंसा अब सिर्फ कंपनी स्तर का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक और कानूनी चुनौती बन चुकी है।
जहाँ एक ओर कर्मचारी रोज़मर्रा के खतरों के बीच काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियाँ और संगठन सरकार से सख्त कानून की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि ऑस्ट्रेलियाई संसद और राज्य सरकारें इस दिशा में कितनी जल्दी और कितनी दृढ़ता से कदम उठाती हैं।