नई दिल्ली | 26 जून 2025
स्पेसएक्स, नासा और एक्सिओम स्पेस के सहयोग से लॉन्च किए गए 'एक्सिओम 4 मिशन' ने भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। तीनों देशों के लिए यह मिशन एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक उपलब्धि है, क्योंकि करीब चार दशकों बाद इन देशों के अंतरिक्ष यात्री एक बार फिर अंतरिक्ष में पहुंचे हैं।
इस मिशन में शामिल चार अंतरिक्षयात्री स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन कैप्सूल के ज़रिए पृथ्वी की कक्षा में यात्रा कर रहे हैं। इनका अगला पड़ाव है अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS), जहां ये 15 दिन तक रहेंगे।
भारत से इस मिशन में गए शुभांशु शुक्ला, पोलैंड के स्लावोस उज़नांस्की-विस्निवेस्की और हंगरी के तिबोर कापू ने अंतरिक्ष में कदम रखकर इतिहास रच दिया। पिछली बार जब इन देशों से अंतरिक्षयात्रा हुई थी, तब ये सभी अंतरिक्षयात्री पैदा भी नहीं हुए थे। उस समय उन्हें 'कॉस्मोनॉट' कहा जाता था और वे सभी सोवियत मिशनों का हिस्सा थे।
भारत की तरफ से पिछली अंतरिक्ष यात्रा 1984 में राकेश शर्मा ने की थी, जिन्होंने सल्युत-7 स्पेस स्टेशन का हिस्सा बनकर इतिहास रचा था। पोलैंड से मिरोस्लाव हर्मास्ज़ेव्स्की 1978 में और हंगरी से बर्टालान फरकस 1980 में सोयुज़ मिशन के तहत गए थे।
इस बार शुभांशु शुक्ला ने लॉन्च के तुरंत बाद अपने पहले शब्द हिंदी में कहे – "क्या शानदार सवारी रही!" उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक की यात्रा की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक नई शुरुआत है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, "वह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं, सपने और शुभकामनाएं लेकर गए हैं। उन्हें और उनके साथियों को ढेर सारी सफलता की शुभकामनाएं!"
भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO इस मिशन को गगनयान कार्यक्रम की तैयारी के एक अहम पड़ाव के रूप में देख रही है। भारत 2027 में अपने पहले स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन की योजना बना चुका है, और आने वाले दशक में देश का अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
स्पेसएक्स के लिए भी यह मिशन खास रहा, क्योंकि यह उनके पांचवें और अंतिम क्रू ड्रैगन वाहन 'Grace' की पहली उड़ान थी। इससे पहले Endeavour, Resilience, Endurance और Freedom नामक कैप्सूल उड़ान भर चुके हैं।
मिशन की कमांडर पेगी व्हिटसन ने इसे “विज्ञान और आत्मा के बीच तालमेल की खूबसूरत झलक” बताया। उन्होंने कहा, "यह उस सौंदर्य को दर्शाता है, जिससे हम पृथ्वी की पृष्ठभूमि के खिलाफ अंतरिक्ष में आगे बढ़ते हैं।"
लॉन्च डिटेल:
स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से यह मिशन अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से 26 जून को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:31 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 12:01 बजे) लॉन्च हुआ। रॉकेट 8 मिनट के भीतर सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापस लौट आया।
अंतरिक्ष यात्री गुरुवार दोपहर 4:30 बजे (IST) तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएंगे और दो सप्ताह तक वहीं रहेंगे। इसके बाद क्रू ड्रैगन कैप्सूल उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाएगा।
यह मिशन न सिर्फ तीन देशों की अंतरिक्ष यात्रा का पुनरारंभ है, बल्कि वैश्विक सहयोग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक नई सुबह की शुरुआत है।