देश में बढ़ती नींद की कमी: सर्वे में सामने आई चिंताजनक स्थिति

देश में बढ़ती नींद की कमी: सर्वे में सामने आई चिंताजनक स्थिति

नई दिल्ली:
देश में लोगों के बीच पर्याप्त नींद न लेने की समस्या तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। एक हालिया देशव्यापी सर्वे के अनुसार भारत के लगभग 46 प्रतिशत लोगों को रोजाना छह घंटे से भी कम निर्बाध नींद मिल पा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक स्वस्थ शरीर और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए औसतन आठ घंटे की नींद बेहद आवश्यक मानी जाती है।

विश्व निद्रा दिवस के अवसर पर किए गए इस सर्वे में दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच देश के 393 जिलों के 89 हजार से अधिक लोगों को शामिल किया गया। सर्वे के निष्कर्ष बताते हैं कि देश में बड़ी संख्या में लोग पर्याप्त नींद से वंचित हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

सर्वे के अनुसार केवल 8 प्रतिशत लोगों को ही रोजाना 8 से 10 घंटे की निर्बाध नींद मिलती है। वहीं 42 प्रतिशत लोग 6 से 8 घंटे तक सो पाते हैं। इसके अलावा 23 प्रतिशत लोग 4 से 6 घंटे की नींद लेते हैं, जबकि लगभग इतने ही लोग रोजाना चार घंटे या उससे भी कम सोते हैं।

इन आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि देश में करीब 70 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में अनिद्रा या कम नींद की समस्या से प्रभावित हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में स्थिति में कुछ सुधार जरूर दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में जहां 59 प्रतिशत लोगों को छह घंटे से कम नींद मिलती थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 46 प्रतिशत रह गया है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त नींद शरीर और मस्तिष्क के लिए बेहद जरूरी है। नींद की कमी से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, स्मरण शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता और भावनात्मक संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

अध्ययनों के अनुसार लगातार कम नींद लेने से अवसाद, चिंता, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य मेटाबोलिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर जीवनशैली और नियमित दिनचर्या अपनाकर नींद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।