नई हवाई अड्डे तक पहुंचना बना चुनौती – मेट्रो विस्तार में देरी पर मेयरों की सरकार से ‘फास्ट-ट्रैक’ की मांग

नई हवाई अड्डे तक पहुंचना बना चुनौती – मेट्रो विस्तार में देरी पर मेयरों की सरकार से ‘फास्ट-ट्रैक’ की मांग

पश्चिमी सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन यहां तक पहुंचने के रास्ते अब भी धीमे हैं। राज्य सरकार द्वारा मेट्रो रेल लाइन को कैम्पबेलटाउन तक विस्तार देने में देरी से स्थानीय निवासियों में गहरी नाराज़गी है। स्थिति यह है कि नए एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद भी लोग पुराने किंग्सफ़ोर्ड स्मिथ (सिडनी) एयरपोर्ट तक 20 मिनट कम समय में पहुँच सकेंगे, जबकि नए एयरपोर्ट की यात्रा में ज्यादा वक्त लगेगा।

मेयरों की सामूहिक अपील

सिडनी के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के कई मेयरों ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर और प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मांग की है कि मेट्रो विस्तार को ‘फास्ट-ट्रैक’ किया जाए। उनका कहना है कि अगर कनेक्टिविटी समय पर उपलब्ध नहीं हुई, तो करोड़ों डॉलर की लागत से बन रहे नए एयरपोर्ट का फायदा आम जनता को लंबे समय तक नहीं मिल पाएगा।

यात्रियों की परेशानी

वर्तमान योजना के अनुसार, पश्चिमी सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने के लिए यात्रियों को कई बार परिवहन बदलना पड़ेगा – पहले लोकल ट्रेन, फिर बस या दूसरी कनेक्टिंग सेवा। इसके मुकाबले मौजूदा एयरपोर्ट के लिए सीधी और तेज़ ट्रेन सेवाएं पहले से मौजूद हैं, जिससे यात्रा का समय 20 मिनट तक कम हो जाता है।

आर्थिक असर का अंदेशा

स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यदि यात्री नए एयरपोर्ट का कम इस्तेमाल करेंगे, तो इसका असर एयरपोर्ट की आय पर पड़ेगा और सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश पर भी नकारात्मक असर पड़ने का खतरा है।

सरकार की चुप्पी

राज्य सरकार ने अब तक इस मांग पर कोई ठोस घोषणा नहीं की है, लेकिन परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए धन और संसाधन जुटाने पर विचार जारी है।

निवासियों की उम्मीदें

कैम्पबेलटाउन और आसपास के निवासियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई करेगी, ताकि पश्चिमी सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट सचमुच ‘जनता का एयरपोर्ट’ बन सके, न कि सिर्फ एक महंगा बुनियादी ढांचा।