नई दिल्ली | 23 जून 2025
भारतीय क्रिकेट के 'दादा' कहे जाने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 17 साल बाद अपने दिल की बात साझा की है। एक साक्षात्कार में गांगुली ने बताया कि अगर उन्हें अपने समय में आज के खिलाड़ियों जैसा निरंतर समर्थन और मौका मिला होता, तो वह भी 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शतक बना सकते थे।
गांगुली ने कहा, "मैंने उस दौर में क्रिकेट खेला जब खिलाड़ी को लगातार मौके नहीं मिलते थे। एक-दो मैच में प्रदर्शन नहीं हुआ तो बाहर बैठा दिया जाता था। आज के खिलाड़ी 5-7 मैचों में फ्लॉप रहते हैं फिर भी उन्हें समर्थन मिलता है। अगर मुझे भी इतना समय और भरोसा मिलता, तो मेरे नाम 50 या उससे अधिक शतक होते।"
गांगुली के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 16 शतक और 311 वनडे में 22 शतक लगाए थे। उनका कुल शतकों का आंकड़ा 38 है। मगर जिस लय में वह खेलते थे, और जिस क्लास के बल्लेबाज़ थे, उसके आधार पर यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता था।
पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि आज के खिलाड़ियों को मिलने वाला सपोर्ट सिस्टम और प्रोफेशनल टीम मैनेजमेंट, उनके दौर में नहीं था। "अब खिलाड़ी के पास मेंटर, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, फिटनेस ट्रेनर होते हैं। उस समय तो सिर्फ कोच और चयनकर्ता थे, जो फॉर्म के आधार पर तुरंत फैसला लेते थे।"
सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट में बदलाव की नींव रखने वाला कप्तान माना जाता है। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया, जिनमें वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और एमएस धोनी जैसे नाम शामिल हैं।
गांगुली के इस बयान पर क्रिकेट फैंस भावुक हो गए हैं और सोशल मीडिया पर 'Respect Dada' ट्रेंड कर रहा है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी उनके समर्थन में बयान दिया है और माना है कि उनका आंकड़ा आज के कई बल्लेबाजों से कहीं बड़ा होता, अगर उन्हें बराबर मौके मिलते।