एडिलेड। बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता को मज़बूत करने के लिए दक्षिण ऑस्ट्रेलिया सरकार ने राज्यभर के सभी चाइल्डकेयर और अर्ली लर्निंग सेंटरों में निजी मोबाइल फोन और अन्य व्यक्तिगत डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है। यह नियम सितंबर से लागू होंगे।
नए नियमों के तहत मोबाइल फोन, टैबलेट, iPad और ऐसे सभी उपकरण जिनसे फ़ोटो/वीडियो लिया जा सकता है, फाइल स्टोर या ट्रांसफ़र की जा सकती है, अब स्टाफ़ या आगंतुक अपने साथ नहीं रख पाएंगे। यह कदम ‘नेशनल मॉडल कोड’ के तहत उठाया गया है, जिसे सबसे पहले दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और विक्टोरिया ने लागू करने की पहल की है।
कड़े नियम और भारी जुर्माना
शिक्षा मंत्री ब्लेयर बॉयर ने कहा, “हमारे बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए सभी चाइल्डकेयर सेवाओं को अपने नीतिगत दस्तावेज़ और प्रक्रियाएं स्वतंत्र नियामक को सौंपनी होंगी, जिसमें निजी मोबाइल उपकरणों पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख हो।”
अगर कोई केंद्र इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे 50,000 डॉलर तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है या फिर उसका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। शिक्षा मानक बोर्ड (ESB) राज्यभर में बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण (स्पॉट चेक) करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों का पालन हो रहा है।
ESB के मुख्य कार्यकारी बेन ग्रामोला ने बताया कि कई केंद्र पहले ही इस कोड को लागू कर चुके हैं, जो स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा, “जो सेवाएं पालन नहीं करेंगी, उन पर लाइसेंस की शर्तें कड़ी करने जैसे नियामकीय कदम उठाए जाएंगे।”
सितंबर अंत तक अनिवार्य दस्तावेज़ जमा
सभी केंद्रों को सितंबर के अंत तक ESB को लिखित आश्वासन और अपने नीतिगत दस्तावेज़ जमा कराने होंगे।