मैड्रिड। स्पेन के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब 150 वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर देश की बागडोर किसी महारानी के हाथों में होगी। स्पेन के राजा किंग फेलिप छठे और रानी रानी लेटिजिया की बड़ी बेटी राजकुमारी लियोनोर भविष्य में स्पेन की अगली महारानी बनेंगी।
इससे पहले 19वीं सदी में इसाबेला द्वितीय ने स्पेन पर शासन किया था। अब एक बार फिर इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है।
20 वर्षीय राजकुमारी लियोनोर स्पेनिश राजशाही की उत्तराधिकारी हैं। वे बॉर्बन राजवंश से ताल्लुक रखती हैं, जिसका शासन 18वीं सदी की शुरुआत से स्पेन में चला आ रहा है। जनरल फ्रैंको की तानाशाही के बाद 1975 में किंग जुआन कार्लोस प्रथम के साथ देश में राजशाही की पुनर्बहाली हुई थी। वर्ष 2014 में उन्होंने सिंहासन त्यागकर अपने पुत्र फेलिप छठे को राजा बनाया।
राजकुमारी लियोनोर ने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित वेल्स का अटलांटिक कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। परंपरा के अनुसार उन्होंने स्पेन की थलसेना, नौसेना और वायुसेना में प्रशिक्षण भी पूरा किया है। वे एक प्रशिक्षित पायलट हैं, जो उन्हें आधुनिक दौर की सबसे सक्षम शाही उत्तराधिकारियों में शामिल करता है।
राजकुमारी लियोनोर स्पेनिश के अलावा अंग्रेज़ी, फ्रेंच, मंदारिन और अरबी जैसी कई भाषाओं में दक्ष हैं। उनकी बहुभाषी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा उन्हें वैश्विक मंच पर स्पेन का सशक्त प्रतिनिधि बनाती है।
युवा, शिक्षित और अनुशासित व्यक्तित्व वाली राजकुमारी लियोनोर को आधुनिक स्पेन की प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उनके सिंहासन पर आसीन होने के साथ ही देश में एक नई पीढ़ी के नेतृत्व की शुरुआत होगी, जो परंपरा और आधुनिकता के संतुलन को आगे बढ़ाएगी।