लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कुख्यात अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि सरकार से गंभीर चूक हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व वरिष्ठ नेता पीटर मांडेलसन ने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर गलत जानकारी दी और खुद को उससे “नाममात्र का परिचित” बताकर गुमराह किया।
पूर्वी ससेक्स के सेंट लियोनार्ड्स-ऑन-सी स्थित हॉर्नटाई पार्क स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा,
“मैं उन सभी पीड़ितों से बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं, जिन्होंने वर्षों तक शोषण और अन्याय सहा। सत्ता में बैठे लोगों की विफलता ने उनके दर्द को और गहरा किया। मैंने मांडेलसन की बातों पर भरोसा किया, जो एक गंभीर भूल थी।”
स्टारमर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मांडेलसन ने एपस्टीन के साथ अपने रिश्तों की वास्तविकता छिपाई। बाद में सामने आए दस्तावेज़ों और तथ्यों से संकेत मिला कि दोनों के बीच संपर्क साधारण सामाजिक जान-पहचान से कहीं अधिक गहरे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि उन्हें पहले इस रिश्ते की पूरी जानकारी होती, तो मांडेलसन को किसी भी सरकारी या कूटनीतिक भूमिका में नियुक्त नहीं किया जाता।
गौरतलब है कि मांडेलसन को पहले एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन विवाद सामने आने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने पर्याप्त पृष्ठभूमि जांच नहीं की।
इस मामले के सामने आने के बाद ब्रिटिश राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों ने सरकार पर नैतिक जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया है। कुछ सांसदों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
वहीं, लेबर पार्टी के भीतर भी असहजता साफ दिखाई दे रही है। कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस प्रकरण से पार्टी की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा है और जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियुक्ति प्रक्रिया में कहां-कहां चूक हुई। स्टारमर ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी नियुक्ति में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा,
“पीड़ितों का दर्द किसी राजनीतिक बयान से खत्म नहीं हो सकता, लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी है कि सच्चाई सामने आए और ऐसी गलतियां दोबारा न हों।”