कैनबरा, 8 सितम्बर 2025 – ऑस्ट्रेलिया में प्रवासन और बहुसंस्कृतिवाद को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। इसी बीच विपक्ष की नेता और फ़ारर से सांसद सुस्सन लेय ने एसबीएस मंदारिन को दिए एक साक्षात्कार में प्रवासी समुदायों के महत्व, सरकार की प्रवासन नीति और सामाजिक सद्भाव को लेकर अपने विचार रखे।
सुस्सन लेय ने स्वीकार किया कि हाल ही में सेनेटर जेसिंटा प्राइस द्वारा भारतीय समुदाय पर की गई टिप्पणी अनुचित थी। उन्होंने कहा –
“यह टिप्पणियाँ भारतीय मूल के नागरिकों को आहत करने वाली थीं। मैंने खुद उनसे इस पीड़ा के बारे में सुना है। सेनेटर प्राइस ने अब अपने बयान वापस ले लिए हैं, लेकिन मैं बताना चाहती हूँ कि लिबरल पार्टी हर प्रवासी समुदाय की कद्र करती है।”
लेय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक प्रवासी होने के नाते वह समझती हैं कि प्रवासी किस तरह देश को समृद्ध बनाते हैं।
पिछले चुनावों में चीनी मूल के लोगों के बारे में आई विवादास्पद टिप्पणियों पर लेय ने खेद जताया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से चीनी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से जुड़ना चाहती हैं और उनके मुद्दों को सुनना चाहती हैं।
“मेरा मक़सद रचनात्मक और दोस्ताना रिश्ता बनाना है। चीनी ऑस्ट्रेलियाई लोग शिक्षा, व्यापार और समाज में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मैं उनसे सीधे संवाद करना चाहती हूँ, उनकी चिंताएँ सुनना चाहती हूँ और भरोसे का रिश्ता बनाना चाहती हूँ।”
सुस्सन लेय ने मौजूदा सरकार पर प्रवासन नीति में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल एक संख्या घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शिक्षा, कौशल, परिवार पुनर्मिलन आदि श्रेणियों में कितने वीज़ा दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा –
“यह समस्या प्रवासियों की नहीं है, बल्कि सरकार की है जिसने सड़कों, अस्पतालों, आवास और रोज़गार जैसे बुनियादी ढाँचे की योजना सही से नहीं बनाई। इससे सभी नागरिक प्रभावित हैं, चाहे वे प्रवासी हों या यहाँ जन्मे ऑस्ट्रेलियाई।”
देश में बढ़ती एंटी-इमिग्रेशन रैलियों पर लेय ने कहा कि यह प्रवासी समुदायों के ख़िलाफ़ माहौल बनाती हैं, जो “ग़लत और गैर-ऑस्ट्रेलियाई” है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की पहचान बहुसंस्कृतिवाद में ही है।
“ऑस्ट्रेलिया हमेशा से प्रवासियों का स्वागत करता आया है। यही हमारी असली ताक़त है और यही हमें दुनिया में अलग पहचान दिलाती है।”
कुछ प्रवासी समुदायों, विशेषकर चीनी नागरिकों ने हाल में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस पर सुस्सन लेय ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
“मैं नहीं चाहती कि कोई भी समुदाय अपनी पहचान की वजह से असुरक्षित महसूस करे। प्रधानमंत्री और सरकार को चाहिए कि वे प्रवासी समुदायों को भरोसा दिलाएँ कि वे पूरी तरह सुरक्षित और सम्मानित हैं।”