सिडनी। ऑस्ट्रेलिया और इज़राइल के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे फ़िलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं को नया उत्साह दे दिया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हालिया तीखी बयानबाज़ी के बाद सिडनी में कार्यकर्ताओं ने खुलकर खुशी जताई और इसे "सही दिशा में उठाया गया कदम" बताया।
स्थानीय संगठनों से जुड़े कई प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। एक कार्यकर्ता ने लिखा, "आइए अब दबाव और बढ़ाएँ", जबकि दूसरे ने कहा, "मुझे पहली बार ऑस्ट्रेलियाई होने पर इतना गर्व महसूस हो रहा है।" उनका मानना है कि इस कूटनीतिक खटपट से ऑस्ट्रेलिया सरकार पर फ़िलिस्तीन मुद्दे पर और सख़्त रुख अपनाने का दबाव बनेगा।
यह विवाद तब उभरा जब दोनों देशों के बीच गाज़ा युद्ध और क्षेत्रीय नीतियों को लेकर बयानबाज़ी तेज़ हो गई। इज़राइल ने ऑस्ट्रेलिया पर पक्षपात का आरोप लगाया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व ने मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय क़ानून की अहमियत पर ज़ोर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति और पश्चिम एशिया को लेकर उसकी भूमिका पर गहरे असर डाल सकता है। वहीं, कार्यकर्ताओं के लिए यह पल आंदोलन को मज़बूत करने और जनसमर्थन बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।