सिडनी, 9 दिसंबर 2025
बैंकस्टाउन अस्पताल की दो नर्सों पर इज़राइली मरीजों के प्रति हिंसा की धमकी देने के गंभीर आरोपों की जांच अब न्यू साउथ वेल्स सरकार और अदालत, दोनों स्तरों पर आगे बढ़ गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद से यह मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ है।
27 वर्षीय नर्स सारा अबू लेबदेह मंगलवार को जॉन मैडिसन टॉवर लोक अदालत में पेश हुईं, जहां उन्होंने दो आरोपों—
कैरेज सर्विस (ऑनलाइन माध्यम) का उपयोग कर किसी समूह को धमकाना, परेशान करना या अपमानित करना, तथा
किसी समूह के खिलाफ हिंसा की धमकी देना
—में निर्दोष होने की दलील दी।
पहले उन पर हत्या की धमकी देने का भी एक अलग आरोप लगाया गया था, जिसे अभियोजन पक्ष ने सितंबर में वापस ले लिया था।
मामला अब 2 फरवरी 2026 को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में उनके औपचारिक अराइन्मेंट (आरोप-पत्र की पढ़ाई) के लिए सूचीबद्ध है, जिसके बाद ट्रायल शुरू होगा।
28 वर्षीय नर्स अहमद राशाद नदीर पर भी ऑनलाइन धमकी देने का आरोप है, साथ ही उनके पास से प्रतिबंधित ड्रग मिलने पर एक अलग मामला दर्ज किया गया था।
वे ड्रग वाले आरोप में पहले ही निर्दोष होने की दलील दे चुके हैं।
ऑनलाइन धमकी मामले में अभी दलील लंबित है।
उनके वकील ज़ेमराई ख़तीज़ ने अदालत को बताया कि यदि अगली तारीख तक मामला सुलझा नहीं, तो इसे भी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजा जाएगा।
यह विवाद तब भड़का जब इज़राइली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैक्स वेइफ़र ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें अस्पताल की यूनिफ़ॉर्म पहने दोनों नर्सें इज़राइली मरीजों का इलाज करने से इनकार करते और उनके खिलाफ हिंसा की धमकी देते दिखाई देने का आरोप है।
करीब ढाई मिनट के इस वीडियो ने ऑनलाइन व्यापक आक्रोश फैलाया और वैश्विक मीडिया में सुर्खियाँ बटोरीं।
नदीर के वकील ने पहले यह संकेत दिया था कि वीडियो संभवत: उनकी सहमति के बिना रिकॉर्ड किया गया, और यह बचाव पक्ष की दलीलों का हिस्सा बनेगा।
सारा अबू लेबदेह अदालत से बाहर अपने वकील रयान कदादी का हाथ पकड़े निकलती दिखीं।
दोनों मीडिया की भीड़ को चीरते हुए बाहर निकले और पत्रकारों के सवालों पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
दोनों अभियुक्तों को मामले की सुनवाई पूरी होने तक जमानत पर रिहा रखा गया है।