सिडनी निवासी का सब्र टूटा, पड़ोसी की रात 2 बजे की अश्लील आवाजों से परेशान

सिडनी निवासी का सब्र टूटा, पड़ोसी की रात 2 बजे की अश्लील आवाजों से परेशान

सिडनी के एक अपार्टमेंट निवासी ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि वह रात के समय अपने पड़ोसी की तेज आवाज़ों, संगीत, और अश्लील गीतों से महीनों से परेशान है। युवक ने बताया कि रात 11 बजे से लेकर 2 बजे तक लगातार शोर होता है, जिससे उनका और उनकी पार्टनर का जीना दूभर हो गया है।

रेडिट पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा, “हां, मैं जानता हूं कि अपार्टमेंट्स में कुछ न कुछ आवाज़ आती ही है, लेकिन रात 10 बजे के बाद तो थोड़ा चैन मिलना चाहिए।”

उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें नीचे रहने वाला पड़ोसी गिटार की धुन पर गाली-गलौज वाला गीत गाता सुनाई दे रहा है। गाने के बोल थे - “Fk, fk, f**k…”।

पीड़ित युवक का मानना है कि शायद उसका पड़ोसी हाल ही में ब्रेकअप से गुजरा है, इसी कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर ऐसे व्यवहार कर रहा है।

बात करने की कोशिश भी हुई नाकाम

शिकायतकर्ता ने कई बार रात में जाकर बात करने की कोशिश की, लेकिन या तो दरवाज़ा नहीं खोला गया या अंदर से गाली सुनने को मिली। दूसरे पड़ोसी ने भी दरवाज़ा खटखटाया लेकिन परिणाम शून्य रहा।

कानूनी विशेषज्ञ की राय

स्ट्राटा कानून विशेषज्ञ अमांडा फार्मर ने कहा कि ऐसे मामलों में सबसे पहले अपार्टमेंट के स्ट्राटा मैनेजर या कमेटी के सचिव से संपर्क करना चाहिए।

“यह पड़ोसी सोसाइटी के बायलॉज़ का उल्लंघन कर रहा है। समिति उसे ‘नोटिस टू कम्प्लाई’ जारी कर सकती है,” उन्होंने बताया।

यदि वह किरायेदार है तो मकान मालिक को सूचना दी जानी चाहिए, क्योंकि यह किराये की शर्तों का भी उल्लंघन हो सकता है।

यदि स्थिति फिर भी न सुधरे तो NSW सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल (NCAT) में मामला ले जाया जा सकता है, जहां 1000 डॉलर तक का जुर्माना और व्यवहार रोकने का आदेश मिल सकता है।

विशेषज्ञ से शांति से सुलझाने की सलाह

एटिकेट विशेषज्ञ जो हेयस का कहना है कि ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए पहले शांतिपूर्वक संवाद करना चाहिए — चाहे वह पत्र द्वारा हो या आमने-सामने।

“संघर्ष समाधान का मूल मंत्र है — विनम्र, शांत और स्पष्ट रहना,” उन्होंने कहा।

हालांकि, अगर मामला हिंसक होने की आशंका हो तो किसी तीसरे पक्ष या प्राधिकरण की मदद लेना बेहतर होता है।