ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण ऑस्ट्रेलिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सिडनी के कई उपनगर ऐसे हैं जहां अब तक एक भी सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति ने न केवल स्थानीय निवासियों को परेशानी में डाला है, बल्कि सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी योजना पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऊर्जा नेटवर्क कंपनियों, विशेष रूप से Ausgrid, ने न्यू साउथ वेल्स की मिन्स सरकार से मौजूदा कानूनों में बदलाव की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि वर्तमान नियम उन्हें EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने से रोकते हैं, जिससे चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार धीमा हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सिडनी के बाहरी और कम विकसित इलाकों में चार्जिंग सुविधाओं की भारी कमी है। इससे उन लोगों के लिए EV अपनाना मुश्किल हो रहा है जो अपने घरों में निजी चार्जिंग की सुविधा नहीं रख सकते।
Ausgrid के प्रवक्ता ने कहा, “अगर हमें चार्जिंग नेटवर्क में निवेश की अनुमति मिलती है, तो हम तेजी से इन खाली क्षेत्रों में सुविधाएं विकसित कर सकते हैं। इससे न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी यह एक बड़ा कदम होगा।”
वहीं, सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर विचार कर रही है और जल्द ही एक संतुलित नीति लाने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे निजी निवेश और उपभोक्ता हित दोनों सुरक्षित रह सकें।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि ऑस्ट्रेलिया को अपने कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल करना है, तो EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार बेहद जरूरी है।
फिलहाल, सिडनी के कई उपनगरों के निवासी इस उम्मीद में हैं कि सरकार और कंपनियां मिलकर जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेंगी, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ता कदम और मजबूत हो सके।