एडिलेड, 28 फरवरी 2026
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जारी एक प्रमुख सर्वेक्षण ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सत्तारूढ़ लेबर पार्टी राज्य में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करती नजर आ रही है, जबकि वन नेशन पार्टी के समर्थन में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया है। इसके उलट, मुख्य विपक्षी लिबरल पार्टी को भारी नुकसान की आशंका जताई गई है।
रॉय मॉर्गन द्वारा किए गए सर्वे में लेबर पार्टी का प्राथमिक वोट शेयर 35 प्रतिशत बताया गया है। हालांकि यह 2022 के राज्य चुनाव की तुलना में पांच प्रतिशत अंक कम है, लेकिन दो-दलीय वरीयता (टू-पार्टी प्रेफर्ड) के आधार पर पार्टी को 59 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान है। इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा प्रीमियर पीटर मलिनाउसकास के नेतृत्व में लेबर पार्टी अपनी बहुमत सरकार और मजबूत कर सकती है।
सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा वन नेशन पार्टी को लेकर सामने आया है। पॉलिन हैनसन की पार्टी का प्राथमिक वोट शेयर 28 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2022 के मुकाबले 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाता है। यदि यह रुझान वास्तविक नतीजों में तब्दील होता है, तो वन नेशन राज्य की राजनीति में बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है।
वहीं, लिबरल नेशनल पार्टी (एलएनपी) के लिए सर्वे के आंकड़े चिंताजनक हैं। पार्टी का प्राथमिक समर्थन घटकर 16.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अंक की गिरावट है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है तो लिबरल पार्टी की जगह वन नेशन प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभर सकती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम परिणाम कई कारकों पर निर्भर करेंगे, जिनमें चुनाव प्रचार, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की अंतिम पसंद शामिल हैं। फिलहाल, सर्वे ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत जरूर दे दिए हैं।