वॉशिंगटन।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस संबंध में समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। ट्रंप ने कहा कि भारत अब ईरान से तेल आयात करने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
रविवार को फ्लोरिडा जाते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम पहले ही एक समझौते पर सहमत हो चुके हैं। भारत इसमें शामिल हो रहा है और वह ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस समझौते की अवधारणा तय कर ली गई है।”
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है और भारत इस व्यवस्था का हिस्सा बनेगा। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को भी वेनेजुएला का तेल खरीदने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि चीन चाहे तो इस सौदे में शामिल होकर “बेहद अच्छी डील” कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला ने अमेरिका को करीब 52 अरब डॉलर मूल्य के 50 मिलियन बैरल तेल की पेशकश की है, जिस पर सहमति बन चुकी है।
ट्रंप के बयान के बाद भारत में सियासी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार उन फैसलों की जानकारी दे रहे हैं, जिन पर भारत सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आ रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी वे भारत से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सार्वजनिक दावे कर चुके हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी। इसे भारत-वेनेजुएला संबंधों में नए सिरे से सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।