वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विदेशी वीज़ा नीति को सख़्त कर दिया है। इस बार निशाने पर ट्रक ड्राइविंग सेक्टर है। ट्रंप प्रशासन ने फैसला लिया है कि अब विदेशियों को अमेरिका में ट्रक ड्राइविंग का वीज़ा नहीं दिया जाएगा।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि हाल के वर्षों में ट्रक हादसों में बढ़ोतरी हुई है और कई मामलों में विदेशी ड्राइवर शामिल पाए गए। इसी को आधार बनाकर यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि इससे अमेरिकी सड़कों की सुरक्षा बेहतर होगी और घरेलू ड्राइवरों को रोज़गार के ज्यादा अवसर मिलेंगे।
यह फैसला खासकर भारतीय युवाओं के लिए बड़ा झटका है। अमेरिका में ट्रक ड्राइविंग को अच्छी-खासी कमाई वाला पेशा माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक ड्राइवर सालाना करीब 6 लाख रुपये से ज्यादा कमा लेते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में भारतीय इस वीज़ा के लिए आवेदन करते थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह कदम चुनावी रणनीति का हिस्सा है। रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय से घरेलू रोजगार को "अमेरिकियों के लिए सुरक्षित" करने की बात करती रही है। वहीं, डेमोक्रेट्स ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह विदेशियों के साथ भेदभाव है और अमेरिकी परिवहन उद्योग में श्रमिकों की कमी को और बढ़ा देगा।
अमेरिकी ट्रकिंग कंपनियों का मानना है कि पहले से ही देश में योग्य ड्राइवरों की भारी कमी है। ऐसे में विदेशी ड्राइवरों पर रोक से माल ढुलाई और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।