वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तीखा होता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे तुरंत हथियार डाल दें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
व्हाइट हाउस में दिए गए अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों के पास अभी भी स्थिति को शांत करने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे हथियार नहीं डालते हैं, तो उनके लिए परिणाम घातक हो सकते हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी राजनयिकों से भी विशेष अपील करते हुए कहा कि वे मौजूदा हालात को समझें और हिंसा के रास्ते से दूर रहें। उन्होंने सुझाव दिया कि जो राजनयिक और अधिकारी ईरान के वर्तमान नेतृत्व से असहमत हैं, वे शरण लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर ईरान को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को सात दिन हो चुके हैं और अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी आने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो यह तनाव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।