वॉशिंगटन।
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद अब भारत को एक और बड़ी राहत मिलने के संकेत मिले हैं। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) को अमेरिका हटाने पर विचार कर रहा है। हालांकि इसके लिए अमेरिका ने एक अहम शर्त भी रखी है।
व्हाइट हाउस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने में कटौती की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसी के चलते अमेरिका भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को वापस लेने की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य केवल रूस से तेल आयात में आंशिक कमी नहीं है। यदि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद को पूरी तरह समाप्त करने पर सहमत होता है, तभी अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को पूरी तरह हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
गौरतलब है कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है। यह घोषणा ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस फैसले पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बढ़त मिलेगी। उन्होंने कहा कि कम टैरिफ से भारतीय निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस से तेल खरीद को लेकर सहमति बनती है और अतिरिक्त टैरिफ हटते हैं, तो यह भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम साबित होगा। इससे न केवल व्यापार बल्कि ऊर्जा और भू-राजनीतिक सहयोग भी नई दिशा में आगे बढ़ेगा।