वॉशिंगटन/ओरेम (यूटा), 11 सितम्बर 2025
अमेरिका की राजनीति को गहरे सदमे में डाल देने वाली घटना में कंजरवेटिव नेता और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी चार्ली किर्क (31 वर्ष) की बुधवार को यूटा वैली यूनिवर्सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला उस समय हुआ जब किर्क एक कॉलेज कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद कर रहे थे।
चार्ली किर्क बुधवार दोपहर "अमेरिकन कमबैक टूर" के तहत आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुँचे थे।
लगभग 12:10 बजे (स्थानीय समय) वह मंच पर छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और गोली उनके गले में जा लगी।
खून निकलते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दर्शक भागने लगे और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि किर्क सफेद टेंट के नीचे हाथ में माइक लेकर बोल रहे थे और तभी गोली लगते ही ज़मीन पर गिर पड़े।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, गोली करीब 200 गज दूर स्थित एक बिल्डिंग से दागी गई थी।
शुरुआती संदेह में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में उसे निर्दोष बताया गया।
असली हमलावर की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और एफबीआई समेत स्थानीय पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
जांच एजेंसियों ने बताया कि यह हमला क्लोज-रेंज और प्लान्ड लग रहा है।
गोली लगते ही सुरक्षाकर्मी और आयोजक किर्क को लेकर पास के यूटा वैली हॉस्पिटल पहुँचे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ज्यादा खून बह जाने के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
चार्ली किर्क की मौत ने अमेरिकी राजनीति को झकझोर दिया है।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर लिखा:
"महान और लेजेंडरी चार्ली किर्क अब हमारे बीच नहीं रहे। यह दुखद है, हम उन्हें हमेशा याद करेंगे।"
कांग्रेस और सीनेट दोनों ओर से नेताओं ने हिंसा की निंदा की।
स्पीकर माइक जॉनसन और डेमोक्रेटिक नेता हाकिम जेफ़्रीज़ ने इसे "लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला" बताया।
उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस और पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी गहरी संवेदना जताई।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा, "राजनीतिक मतभेदों का समाधान गोली और हिंसा से नहीं हो सकता।"
किर्क के कार्यक्रम का विश्वविद्यालय परिसर में कई छात्रों ने विरोध किया था।
लगभग 1,000 छात्रों ने ऑनलाइन याचिका दायर की थी, जिसमें उनकी एंट्री रोकने की मांग की गई थी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कार्यक्रम को मंजूरी दी थी।
विरोध प्रदर्शन और धमकियों के बावजूद चार्ली किर्क ने अपनी यात्रा जारी रखी।
जन्म: 14 अक्टूबर 1993
उम्र: 31 वर्ष
2012 में “Turning Point USA” संगठन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य कॉलेज परिसरों में कंज़र्वेटिव विचारधारा, कम टैक्स और सीमित सरकार को बढ़ावा देना था।
वह सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाले एक प्रमुख युवा चेहरा थे और उन्हें ट्रंप कैंप का सबसे भरोसेमंद इंफ्लुएंसर माना जाता था।
उन्होंने कई बार खुले मंचों पर उदारवादी विचारधारा की आलोचना की और अमेरिकी कैंपसों में बहस की संस्कृति को जीवित रखा।
चार्ली किर्क की हत्या ने एक बार फिर अमेरिकी समाज और राजनीति में हिंसा और ध्रुवीकरण पर गहन बहस छेड़ दी है। जहां समर्थक इसे राजनीतिक हमले के रूप में देख रहे हैं, वहीं आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि विश्वविद्यालय जैसी जगह पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है।