पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को गाजीपुर पुलिस ने सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। उस पर आरोप है कि उसने गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई संपत्ति को छुड़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश किए थे।
पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी पर यह मामला गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज है। जांच के दौरान सामने आया कि उसने अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में जालसाजी की है। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था।
गाजीपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने लखनऊ पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गाजीपुर लाया गया। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि उमर अंसारी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर जब्त संपत्ति को छुड़वाने की कोशिश की जा रही थी, जो कि कानूनन गलत है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर कानून से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उमर अंसारी की गिरफ्तारी को इसी कड़ी में एक अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
जांच जारी है, जल्द सामने आएंगे और नाम
पुलिस सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में और भी कई लोग संलिप्त हो सकते हैं। दस्तावेज तैयार कराने में किन-किन लोगों ने मदद की, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
जनता को भरोसा दिलाया
गाजीपुर पुलिस अधीक्षक ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। कानून सबके लिए समान है और न्याय प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।