मुंबई। हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म 'सैयारा' को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दर्शकों को फिल्म देखकर रोते हुए दिखाया जा रहा है। इन वीडियोज़ को फिल्म की प्रमोशनल टीम ने जारी किया, दावा करते हुए कि दर्शक 'सैयारा' देखकर इतनी भावुक हो गए कि कुछ को तो ड्रिप तक लगानी पड़ी। लेकिन अब इस पर फिल्म के एक अहम कलाकार वरुण बडोला ने ही सवाल उठा दिए हैं।
वरुण बडोला, जो फिल्म में एक सशक्त भूमिका में नजर आ रहे हैं, ने साफ कहा कि उन्हें खुद नहीं पता था कि फिल्म को इस तरह प्रमोट किया जाएगा। उन्होंने कहा,
“जब हम फिल्म पर काम कर रहे थे, तब हमें नहीं लगा था कि इसे इस तरह प्रचारित किया जाएगा। रोते हुए दर्शकों और IV ड्रिप लगवाने वाले वीडियो देखकर मैं भी हैरान रह गया। प्रमोशनल टीम ने थोड़ा ज्यादा ही ‘क्रिएटिव’ हो लिया है।”
वरुण का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोगों के बीच बहस छिड़ गई है कि क्या फिल्म के प्रमोशन के नाम पर भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा है।
प्रमोशनल वीडियो में दिखाया गया कि फिल्म के कुछ दर्शक सिनेमाघर से बाहर निकलने के बाद फूट-फूटकर रो रहे हैं, वहीं कुछ की हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें मेडिकल सहायता तक ले जानी पड़ी। हालांकि, अब इन दावों की सच्चाई पर खुद फिल्म के अभिनेता ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
वरुण बडोला के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया है। कई यूज़र्स ने प्रमोशनल टीम को फर्जी भावनात्मक ड्रामा फैलाने का दोषी बताया, वहीं कुछ लोगों ने वरुण की ईमानदारी की तारीफ की।
इस घटनाक्रम के बाद सवाल ये उठता है कि क्या फिल्म प्रमोशन के लिए ऐसे नाटकीय तरीके अपनाना सही है? क्या दर्शकों की भावनाओं को इस तरह मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल करना नैतिक है?
फिलहाल, 'सैयारा' को लेकर चर्चाएं तो ज़रूर तेज़ हो गई हैं, लेकिन इसकी सच्ची सफलता दर्शकों के दिल में जगह बनाने पर ही निर्भर करेगी — न कि रोने-धोने वाले वायरल वीडियो पर।