विक्टोरिया में हेट स्पीच कानूनों को लेकर सरकार की जल्दबाज़ी, पुलिस को मिल सकते हैं नए अधिकार

विक्टोरिया में हेट स्पीच कानूनों को लेकर सरकार की जल्दबाज़ी, पुलिस को मिल सकते हैं नए अधिकार

मेलबर्न। विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार घृणा और नफरत से जुड़े अपराधों पर सख़्ती बढ़ाने के उद्देश्य से हाल ही में लागू किए गए हेट स्पीच कानूनों को तेज़ी से संशोधित करने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि नए कानूनों में कुछ व्यावहारिक कमियाँ सामने आई हैं, जिनके कारण उनके प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा आ रही है।

प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, पुलिस को अब विलिफिकेशन और हेट स्पीच से जुड़े मामलों में सीधे अभियोजन शुरू करने का अधिकार दिया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में मुकदमा चलाने से पहले डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूशन्स (DPP) की स्वीकृति आवश्यक होती है।

सरकार का मानना है कि DPP की मंज़ूरी की प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिससे मामलों में देरी होती है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। अधिकारियों का तर्क है कि यदि पुलिस को सीधे अभियोजन की अनुमति दी जाती है, तो नफरत फैलाने वाले कृत्यों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

हाल के महीनों में राज्य में नस्लीय, धार्मिक और सामाजिक आधार पर नफरत से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा कानूनी ढांचे में सुधार कर इन घटनाओं पर लगाम लगाना आवश्यक हो गया है।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों ने गंभीर चिंताएँ व्यक्त की हैं। उनका कहना है कि DPP की भूमिका एक महत्वपूर्ण कानूनी संतुलन बनाए रखने का काम करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल ठोस और गंभीर मामलों में ही अभियोजन किया जाए। पुलिस को यह अधिकार देने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

विपक्षी दलों ने भी सरकार पर कानून बनाने में जल्दबाज़ी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना व्यापक परामर्श और पर्याप्त समीक्षा के किए गए बदलाव भविष्य में कानूनी विवादों और दुरुपयोग की आशंका को जन्म दे सकते हैं।

सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी समुदाय या विचारधारा को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती नफरत और विभाजन को रोकना है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम हैं।

इस विधेयक को लेकर आने वाले दिनों में विक्टोरिया की संसद में तीखी बहस होने की संभावना है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच संतुलन बनाते हुए इन कानूनों का अंतिम स्वरूप क्या होगा।