नई दिल्ली/कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। राजधानी कोलकाता में एक बार फिर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प सामने आई है। घटना दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के सखेरबाजार इलाके की बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय क्लब में कथित तौर पर तेज आवाज में माइक के इस्तेमाल को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते राजनीतिक झड़प में बदल गया। इस दौरान इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और अफरा-तफरी मच गई। झड़प के दौरान एक अस्थायी मंच में आग लगा दी गई, जिस पर कुछ ही घंटे पहले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने एक जनसभा को संबोधित किया था। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
इधर, बेहाला पुरबा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की विधायक रत्ना चटर्जी ने भाजपा समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान भाजपा समर्थकों ने क्लब के सदस्यों के साथ बदसलूकी की, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थिति बिगड़ गई।
वहीं, भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सखेरबाजार में जिस अस्थायी मंच में आग लगाई गई, वह पार्टी की ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ के तहत लगाया गया था और इसे सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। भाजपा का कहना है कि यह घटना राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा है।
घटना के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। राज्य में चुनावी तैयारियों के बीच इस हिंसा ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए हाल ही में 11 सदस्यीय संकल्प समिति का गठन किया है, जो पार्टी की चुनावी रणनीति और बूथ-स्तरीय तैयारियों का समन्वय करेगी।
फिलहाल, इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।