कमजोर रुपया और महंगाई का खतरा: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा

कमजोर रुपया और महंगाई का खतरा: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली, 21 मार्च। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत में महंगाई को लेकर चिंता गहराने लगी है। इसी मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि कमजोर होता रुपया और महंगे होते ईंधन के दाम आने वाले समय में आम जनता की जेब पर सीधा असर डालेंगे।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुका है। यह केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि आने वाली महंगाई का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हालात को सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविक स्थिति चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेषकर ईरान-इस्राइल-अमेरिका टकराव के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी तय है, जिसका असर परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ेगा। नतीजतन, रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे।

राहुल गांधी ने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र पर संभावित प्रभाव को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत का सबसे ज्यादा असर इसी क्षेत्र पर पड़ेगा, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

उन्होंने शेयर बाजार को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अस्थिर हालात में निवेश निकाल सकते हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ेगा।

राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने कहा, “हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है, बल्कि यह है कि आम आदमी की थाली में क्या बच रहा है।”

इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा और बढ़ती कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं।