वेस्टर्न सिडनी काउंसिल में तनाव, आईसीएसी छापे के बाद बढ़ी खींचतान

वेस्टर्न सिडनी काउंसिल में तनाव, आईसीएसी छापे के बाद बढ़ी खींचतान

सिडनी, सितंबर 2025
न्यू साउथ वेल्स की स्वतंत्र भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ICAC) द्वारा जुलाई में पररामट्टा काउंसिल पर की गई छापेमारी के बाद से वेस्टर्न सिडनी काउंसिल में तनाव गहराता जा रहा है। छापे के दौरान जांच अधिकारियों ने कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त किए थे। इस कार्रवाई ने न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित किया बल्कि काउंसिल के भीतर गहरी खाई भी उजागर कर दी है।

छापे के बाद की राजनीति

सूत्रों के अनुसार, एक काउंसिलर ने छापेमारी की पृष्ठभूमि और उसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठाई। इस मांग ने बैठकों में तीखी बहस और गुटबाजी को हवा दी। एक पक्ष पारदर्शिता की बात कर रहा है, जबकि दूसरा इसे “पूर्वाग्रहपूर्ण और संवेदनशील मामला” बताकर सार्वजनिक चर्चा से बचने की कोशिश कर रहा है।

पारदर्शिता बनाम गोपनीयता

काउंसिल के कुछ सदस्य मानते हैं कि जनता का भरोसा कायम रखने के लिए छापे से जुड़ी जानकारियां साझा करना जरूरी है। दूसरी ओर, कुछ काउंसिलर और अधिकारी इस दलील के साथ विरोध कर रहे हैं कि आईसीएसी की जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

जनता की नजरें काउंसिल पर

छापेमारी के बाद काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय समुदाय अब इस बात पर नजर रख रहा है कि काउंसिल किस तरह पारदर्शिता और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाए रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि काउंसिल इस विवाद को सुलझाने में असफल रहती है तो इससे उसकी विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ सकता है।