सिडनी जा रही फ्लाइट में जबरन स्ट्रिप सर्च: पीड़ित महिलाओं को कतर एयरवेज और हवाई अड्डा संचालक पर मुकदमा करने की मिली अनुमति

सिडनी जा रही फ्लाइट में जबरन स्ट्रिप सर्च: पीड़ित महिलाओं को कतर एयरवेज और हवाई अड्डा संचालक पर मुकदमा करने की मिली अनुमति

साल 2020 में कतर की राजधानी दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जिसमें सिडनी जा रही कतर एयरवेज की फ्लाइट से उतारी गई महिलाओं के साथ जबरन स्ट्रिप सर्च किया गया। अब, ऑस्ट्रेलिया की फेडरल कोर्ट ने पांच पीड़ित महिलाओं को कतर एयरवेज और एयरपोर्ट ऑपरेटर MATAR के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है।

क्या था मामला?

अक्टूबर 2020 में, दोहा हवाई अड्डे के टॉयलेट में एक नवजात शिशु मिलने के बाद कतर एयरवेज की फ्लाइट QQR908 को रोक दिया गया था। इसके बाद बिना किसी स्पष्ट जानकारी के 13 से अधिक महिलाओं को विमान से उतारकर टरमैक पर खड़ी एंबुलेंस में जबरन ले जाया गया, जहां उनके निजी अंगों की जांच की गई। पीड़ितों का आरोप है कि ये जांच न तो उनकी अनुमति से की गई और न ही उन्हें इसकी वजह बताई गई।

एक महिला ने बताया, “एक नर्स ने मुझसे कहा कि मुझे अपनी पैंट उतारनी होगी और उसने मेरे प्राइवेट पार्ट्स की जांच करनी चाही। जब मैंने मना किया तो उसने सिर्फ इतना कहा – हमें देखना है, हमें देखना है – लेकिन क्यों, इसका कोई जवाब नहीं मिला।”

कानूनी लड़ाई की शुरुआत और फैसला

महिलाओं ने इस अमानवीय बर्ताव को लेकर कतर एयरवेज, एयरपोर्ट ऑपरेटर MATAR और कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी (QCAA) पर मुकदमा दायर किया था। पहले, फरवरी 2024 में, फेडरल कोर्ट के जज जॉन हैली ने यह कहते हुए मुकदमा खारिज कर दिया था कि यह घटना विमान में नहीं हुई और एयरलाइन के कर्मचारी इसमें शामिल नहीं थे।

हालांकि, महिलाओं ने इस फैसले के खिलाफ अपील की। अब ऑस्ट्रेलिया की फुल फेडरल कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि घटना “डिसएंबार्किंग” यानी विमान से उतरने की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा सकती है, और इस स्तर पर केस खारिज करना उचित नहीं था। अदालत ने कहा कि एयरलाइन और एयरपोर्ट ऑपरेटर MATAR को मुकदमे का सामना करना होगा।

QCAA को राहत, लेकिन बाकी पक्षों पर चलेगा मुकदमा

हालांकि कोर्ट ने QCAA के खिलाफ केस को खारिज कर दिया क्योंकि यह एजेंसी सीधे हवाई अड्डे के व्यावसायिक संचालन में शामिल नहीं थी। लेकिन कतर एयरवेज और MATAR को कोर्ट की सुनवाई का सामना करना होगा और अपील की लागत भी चुकानी होगी।

पीड़ितों के वकील बोले – यह न्याय की ओर एक कदम

पीड़ितों की ओर से केस लड़ रहे डेमियन स्टुर्जाकर ने कहा, “यह हमेशा से एयरलाइन की जिम्मेदारी का मामला रहा है। महिलाओं ने इस घटना को लेकर शुरुआत से ही न्याय की उम्मीद की थी। इतने बड़े और ताकतवर संस्थान के खिलाफ पांच महिलाओं का यह कानूनी संघर्ष आसान नहीं था।”

पूर्व प्रतिनिधि वकील वोल्फगैंग बाबेक ने इसे महिलाओं के लिए बेहद तनावपूर्ण और अपमानजनक अनुभव बताया। उन्होंने कहा, “कतर जैसा देश जो खुद को आधुनिक और वैश्विक मानकों वाला बताता है, उसकी यह हरकत बेहद शर्मनाक है।”