नई दिल्ली/सिडनी:
हवाई यात्रा में देरी यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी मानी जाती है। मौसम, तकनीकी खराबी, स्टाफ की कमी और रनवे पर भीड़ जैसी कई वजहों से उड़ानों में विलंब होता है। अब एक लोकप्रिय ट्रैवल ऐप Flighty ने दुनिया की सबसे ज़्यादा देरी से चलने वाली एयरलाइंस की सूची जारी की है।
Flighty के अनुसार, उसके उपयोगकर्ताओं ने वर्ष 2025 में कुल 2.2 करोड़ उड़ानों पर यात्रा की। इन यात्राओं के दौरान यात्रियों को देरी के कारण लगभग 14 लाख अतिरिक्त घंटे इंतज़ार करना पड़ा। औसतन हर उड़ान में यात्रियों को 14 मिनट अतिरिक्त प्रतीक्षा करनी पड़ी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की लो-कॉस्ट एयरलाइन Ryanair दुनिया की सबसे ज़्यादा देरी से उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइन रही। इसके बाद Air France और easyJet का स्थान रहा।
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन Qantas इस सूची में छठे स्थान पर रही। Flighty के आँकड़ों के अनुसार, क़ांतस की 26 प्रतिशत उड़ानें तय समय से देर से रवाना हुईं। इस रिपोर्ट पर 9Travel ने क़ांतस से प्रतिक्रिया मांगी है।
अमेरिका में यात्रियों को सबसे अधिक इंतज़ार Frontier Airlines में करना पड़ा। इसके बाद JetBlue Airways और Southwest Airlines का स्थान रहा।
हालांकि इस वैश्विक सूची में क़ांतस का स्थान अपेक्षाकृत नीचे है, लेकिन घरेलू स्तर पर उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई Bureau of Infrastructure and Transport Research Economics (BITRE) के अनुसार, सितंबर 2025 में क़ांतस और जेटस्टार ने समय पर उड़ान भरने के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया।
आँकड़ों के मुताबिक:
क़ांतस (Qantas और QantasLink) की 81.1 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं
उड़ान रद्द होने की दर घटकर 2.8 प्रतिशत रह गई
अक्टूबर में 76 प्रतिशत उड़ानें समय पर चलीं, जो वर्जिन ऑस्ट्रेलिया से बेहतर रहीं
Ryanair
Air France
easyJet
Frontier Airlines
Lufthansa
Qantas
KLM Royal Dutch
Air Canada
JetBlue Airways
Southwest Airlines
इसी बीच, क़ांतस ने घोषणा की है कि वह ऑस्ट्रेलिया से लंदन और न्यूयॉर्क के लिए सीधी, नॉन-स्टॉप उड़ानों के और क़रीब पहुंच गई है।
कंपनी का पहला Project Sunrise विमान फ्रांस के टूलूज़ स्थित एयरबस फैक्ट्री में निर्माण के अंतिम चरण में है।
क़ांतस ग्रुप की सीईओ वैनेसा हडसन ने कहा,
“प्रोजेक्ट सनराइज़ अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि हकीकत बनता जा रहा है। विमान अब उत्पादन के अंतिम चरण में है और इसमें केबिन व अन्य प्रमुख सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं।”