नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलिया पर हमला, फिलिस्तीन को मान्यता देने के कदम पर कड़ी आपत्ति

नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलिया पर हमला, फिलिस्तीन को मान्यता देने के कदम पर कड़ी आपत्ति

यरुशलम। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया और अन्य पश्चिमी देशों पर तीखा प्रहार किया, जिन्होंने हाल ही में फिलिस्तीन को मान्यता देने की घोषणा की है। नेतन्याहू ने इस फैसले को “शर्मनाक” और “शांति के नाम पर एक खतरनाक भ्रम” करार दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ देशों का मानना है कि आतंक और हिंसा के सामने झुककर शांति पाई जा सकती है, लेकिन यह सोच वास्तविकता से कोसों दूर है। यह न केवल आतंकवादियों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि क्षेत्र में स्थायी समाधान की राह को और कठिन बना देगा।”

भूखमरी नीति से इन्कार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाज़ा में मानवीय संकट और खाद्य सामग्री की कमी के आरोपों के बीच नेतन्याहू ने अपनी सरकार पर लगे “भूखमरी नीति” अपनाने के आरोप को सिरे से खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि इज़राइल मानवीय सहायता पहुंचाने में बाधा नहीं डाल रहा है, लेकिन हथियार और विस्फोटक गाज़ा में न पहुंचें, इसके लिए सख्त निगरानी ज़रूरी है।

ऑस्ट्रेलिया का रुख
ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में यह कहते हुए फिलिस्तीन को मान्यता देने का समर्थन किया कि इससे इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद के ‘दो-राष्ट्र समाधान’ को बल मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री का मानना है कि इस कदम से शांति वार्ता के लिए दबाव बढ़ेगा और फिलिस्तीनी जनता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।

तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञ मानते हैं कि नेतन्याहू का यह बयान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों का रुख, आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की कूटनीति में नए तनाव का कारण बन सकता है। पहले से ही युद्धविराम, मानवीय सहायता और बस्तियों के मुद्दों पर मतभेद गहराए हुए हैं। ऐसे में यह नई कूटनीतिक खींचतान, संघर्ष विराम की संभावना को और दूर कर सकती है।