हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव: ट्रंप की चेतावनी, चीन का पलटवार और सहयोगियों की सतर्क प्रतिक्रिया

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव: ट्रंप की चेतावनी, चीन का पलटवार और सहयोगियों की सतर्क प्रतिक्रिया

वॉशिंगटन/बीजिंग/लंदन: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका, चीन और पश्चिमी सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि सहयोगी देश तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल नहीं होते, तो उन्हें “बहुत खराब भविष्य” का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका क्षेत्र में तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है। इस जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात होकर गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

दूसरी ओर, चीन ने अमेरिका की इस पहल और व्यापार नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने वॉशिंगटन से अपनी “गलत व्यापार नीतियों को सुधारने” की मांग की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का सम्मान करना चाहिए और दबाव की राजनीति से बचना चाहिए।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अन्य पश्चिमी सहयोगी देशों ने भी इस मुद्दे पर फिलहाल सावधानी भरा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी सैन्य या सामरिक कदम से पहले व्यापक कूटनीतिक चर्चा आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि यहां स्थिति बिगड़ती है तो तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल सभी पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर क्या समाधान निकलता है।